शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आज पेश किया जा रहा वर्ष 2026-27 का बजट कई मायनों में बेहद अहम और चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जैसे ही बजट भाषण शुरू किया, उससे पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया।
सदन की कार्रवाई स्थगित
CM सुक्खू की ओर से विपक्ष पर की गई टिप्पणी के बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही सुबह 11:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के लिए 54 हजार करोड़ का बजट पेश , CM ने सभी गारंटियां को पूरा करने का किया दावा
इस बार का बजट घटा
इस बार का बजट प्रदेश की कमजोर वित्तीय स्थिति को साफ तौर पर दर्शाता है। CM सुक्खू ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली RDG बंद होने के कारण राज्य को हर साल करीब 8,105 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी वजह से सरकार को बजट का आकार घटाना पड़ा है।
54 करोड़ का बजट पेश
उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया- जो पिछले साल के मुकाबले कम है। पिछले वित्त वर्ष में बजट का आकार 58 हजार करोड़ रुपये से अधिक था। यह कटौती इस बात का संकेत है कि सरकार अब सीमित संसाधनों में प्राथमिकताओं को तय करने की रणनीति अपना रही है।
यह भी पढ़ें : CM सुक्खू के करीबी पर हम*ला : दिनदहाड़े नकाबपोशों ने रोकी गाड़ी, खाई में कूदा युवक
RDG पर केंद्र-विपक्ष पर निशाना
CM सुक्खू ने बजट भाषण के दौरान RDG बंद किए जाने को बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि यह अनुदान 1950 के दशक से हिमाचल को मिलता आ रहा था, लेकिन अब इसे बंद करना संविधान की भावना के खिलाफ है।
विपक्ष ने नहीं दिया साथ
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर प्रदेश का साथ नहीं दिया। साथ ही पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आरडीजी का सही उपयोग किया गया होता, तो राज्य का आधा कर्ज खत्म किया जा सकता था।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में थम गया बारिश का सिलसिला : निकली खिली-खिली धूप, जानें अब कब बरसेंगे बादल
समय के साथ बढ़ा कर्ज
CM सुक्खू ने बताया कि वर्ष 2017 में जब पिछली सरकार सत्ता में आई थी, तब राज्य पर करीब 47,917 करोड़ रुपये का कर्ज था- जो समय के साथ और बढ़ा। अब सरकार के सामने कर्ज के दबाव के बीच विकास और जनकल्याण योजनाओं को संतुलित करना बड़ी चुनौती है।
BBMB और लंबित बकाया का मुद्दा
CM सुक्खू ने BBMB का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद हिमाचल को करीब 60 हजार करोड़ रुपये का एरियर नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा शानन पावर प्रोजेक्ट को लेकर भी प्रदेश को उसका हक नहीं मिल रहा।
यह भी पढ़ें : आज बजट पेश करेंगे CM सुक्खू, कर्मचारियों-पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद
अधूरे विकास कार्यों पर फोकस
सरकार ने लंबे समय से लंबित पड़े विकास कार्यों को पूरा करने के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने 300 अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की घोषणा की। इससे सड़कों, भवनों और अन्य बुनियादी परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
किसानों और पशुपालकों को राहत
बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए CM सुक्खू ने दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि की घोषणा की ।इस फैसले से प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
- गाय के दूध का मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया गया।
- भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये से बढ़ाकर 70 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : शादीशुदा महिला से नीचता, जम्मू-कश्मीर के दो युवकों ने की गंदी हरकत- थाने पहुंचा पति
कृषि उत्पादों का बढ़ा MSP
इस बजट में हिमाचल के कई कृषि उत्पादों का MSP बढ़ा दिया गया है। हिमाचल में पहली बार अदरक का MSP तय किया गया है।
- अदरक का MSP 30 रुपये KG किया गया है।
- प्राकृतिक खेती से तैयार किए गेंहू का MSP 80 रुपये कर दिया गया है- जो कि पहले 60 रुपये था।
- मक्की का MSP 50 रुपये कर दिया गया है- जो कि पहले 40 रुपये था।
- पांगी घाटी के जौ का MSP 80 रुपये कर दिया गया है- जो कि पहले 60 रुपये था।
- हल्दी का MSP 150 रुपये कर दिया गया है- जो कि पहले 90 रुपये KG था।
यह भी पढ़ें : हिमाचल LSD मामले में बुरे फंसे 4 पुलिसवाले : नशा तस्करों के बने मददगार...नौकरी पर गिरी गाज
मूर्गी पालन के लिए 62 करोड़...
CM सुक्खू द्वारा मूर्गी पालन के लिए 62 करोड़ की योजना की घोषणा की गई है। ये योजना PPP मोड पर घोषित की गई है। जिसके तहत प्रति यूनिट से 84 हजार मासिक आय आने की संभावना है।
सोलर फेंसिंग को 10 करोड़
खेत बाड़बंदी योजना में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया- जिससे खेतों की फेसिंग को सब्सिडी दी जाएगी।
यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी देंगे हिमाचल को बड़ी सौगात, लोगों का सच होगा वर्षों पुराना सपना; जानें
किसान आयोग होगा गठित
CM सुक्खू ने किसान आयोग गठित करने की घोषणा की है। CM का कहना है कि ये आयोग कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए काम करेगा। आयोग किसानों की समस्याएं सनेगा और समय पर समाधान करेगा।
महिला मंडलों को एक लाख...
CM ने वृक्षारोपण करने वाले महिला मंडलों को लिए प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है। जिसके तहत वृक्षारोपण करने वाले महिला मंडलों को एक लाख रुपया दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें : रणवीर सिंह की "धुरंधर-2" ने रचा इतिहास, फिल्म में हिमाचल की बेटी के किरदार ने बटोरी सुर्खियां
राजनीतिक टकराव के बीच बजट
बजट पेश होने से पहले ही जिस तरह से सदन में हंगामा हुआ, वह इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में इस बजट को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। विपक्ष जहां सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार इसे “आम आदमी के हित का बजट” बता रही है।
