शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के आठवें दिन आज सदन का माहौल कई मुद्दों को लेकर गरमाया रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब के दौरान तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कहीं कर्मचारियों और मल्टी टास्क वर्करों के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा गया तो कहीं किसानों को नैनो यूरिया की खरीद के कथित दबाव को लेकर बहस ने राजनीतिक रंग ले लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मल्टी टास्क वर्करों के लिए बड़ी घोषणा की, वहीं नैनो यूरिया के मुद्दे पर कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार और भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के बीच जमकर तंज और पलटवार हुआ।

मल्टी टास्क वर्करों के लिए बनेगी एक समान नीति

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मल्टी टास्क वर्करों का मुद्दा उठा। विधायक आरएस बाली ने प्रदेश के विभिन्न विभागों, बोर्ड और निगमों में सेवाएं दे रहे मल्टी टास्क वर्करों की सेवा शर्तों और मानदेय में अंतर का मामला सरकार के सामने रखा। जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार मल्टी टास्क वर्करों के लिए एक समान नीति तैयार करने पर गंभीरता से काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि अलग-अलग विभागों और संस्थानों में काम कर रहे मल्टी टास्क वर्करों के लिए सेवा शर्तों और मानदेय को लेकर एकरूपता लाई जाए।

 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में अलग-अलग विभागों और बोर्ड-निगमों में मल्टी टास्क वर्करों से अलग-अलग अवधि तक काम लिया जा रहा है। कहीं चार घंटे तो कहीं छह घंटे काम लिया जाता है और इसी तरह उन्हें मिलने वाले मानदेय में भी अंतर है। नई नीति लागू होने के बाद इस व्यवस्था में एकरूपता लाने का प्रयास किया जाएगा।

12 हजार मल्टी टास्क वर्करों को मिल सकता है फायदा

सरकार के अनुसार हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में करीब 12 हजार मल्टी टास्क वर्कर विभिन्न विभागों और संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या शिक्षा, लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग में कार्यरत है। जल शक्ति विभाग में ही 4,100 मल्टी टास्क वर्करों के पद भरे जाने की जानकारी सदन में दी गई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि इनमें अलग-अलग वर्षों में नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों को पहले 6,600 रुपये मानदेय दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 7,100 रुपये किया गया है।

 

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नैनो यूरिया पर सदन में छिड़ी बहस

मल्टी टास्क वर्करों के मुद्दे के बाद सदन में नैनो यूरिया को लेकर भी खूब गर्मागर्मी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने नियम 62 के तहत किसानों को नैनो यूरिया प्लस खरीदने के लिए कथित तौर पर मजबूर किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में किसानों पर नैनो यूरिया खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का जिक्र करते हुए सरकार और केंद्र की नीतियों पर तंज भी कसा।

 

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उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा के केंद्र में मंत्री बनने के बाद प्रदेश के किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन किसानों के सामने नैनो यूरिया खरीदने का मुद्दा खड़ा हो गया है।

कृषि मंत्री बोले- किसान खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र

कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने सदन में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नैनो यूरिया खरीदने को लेकर किसी तरह की अनिवार्य गाइडलाइन या अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इफ्को की ओर से भी पत्र जारी कर यह स्पष्ट किया गया है कि किसान नैनो यूरिया खरीदें या न खरीदें, यह उनकी इच्छा पर निर्भर है। किसी किसान पर इसे खरीदने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। हालांकि, मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो और टेलीविजन के माध्यम से नैनो यूरिया को लेकर प्रचार करते हैं।

 

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सुधीर शर्मा बोले- इस मामले में भी SIT बना लीजिए

नैनो यूरिया पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार चाहे तो इस मामले की जांच के लिए भी एसआईटी गठित कर सकती है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि एसआईटी गठित करने में सरकार पहले ही काफी निपुणता दिखा चुकी है। उनके इस बयान पर सदन में सत्ता पक्ष की ओर से प्रतिक्रिया देखने को मिली।
सुधीर शर्मा ने कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया के जेपी नड्डा को लेकर दिए गए बयान पर भी कटाक्ष किया और अपने अंदाज में सरकार पर पलटवार किया।

 

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मंत्री चंद्र कुमार ने भी नहीं छोड़ा मौका

सुधीर शर्मा के तंज पर कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि सुधीर शर्मा रेडियो नहीं सुनते और उनका ज्यादातर ध्यान फोन पर रहता है।
मंत्री ने कहा कि अगर सुधीर शर्मा रेडियो सुनेंगे तो उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से नैनो यूरिया के प्रचार की जानकारी मिलेगी। उन्होंने भाजपा विधायक को रेडियो सुनने की सलाह तक दे डाली। मंत्री और भाजपा विधायक के बीच हुए इस तंज और पलटवार से सदन का माहौल कुछ देर के लिए खासा रोचक हो गया।

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