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August 25, 2026

हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष ने मानी विपक्ष की मांग, राष्ट्रगान विवाद की वीडियो जारी करने की दी मंजूरी

मानसून सत्र का चौथे दिन भी आमने सामने सरकार और विपक्ष हो रही तीखी नोकझोक

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Himachal Assembly Monsoon Session

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का चौथा दिन एक बार फिर सियासी टकराव और हंगामे के बीच आगे बढ़ा। राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर चल रहे विवाद में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विपक्ष की मांग को मंजूरी देते हुए 21 अगस्त की राष्ट्रगान से जुड़ी वीडियो भाजपा विधायकों को उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी है। भाजपा विधायक लंबे समय से इस वीडियो को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस की ओर से भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान के आरोप लगाए जाने के बाद विपक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो सामने रखने की मांग की थी।

 

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राष्ट्रगान विवाद के बीच स्पीकर के इस फैसले को विपक्ष के लिए अहम राहत के तौर पर देखा जा रहा है। अब भाजपा विधायक उस वीडियो को देख सकेंगे, जिसके आधार पर सदन में राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर सियासी विवाद खड़ा हुआ था।

राष्ट्रगान विवाद में स्पीकर का बड़ा फैसला

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने स्पष्ट किया कि जिन भाजपा विधायकों ने 21 अगस्त की राष्ट्रगान से संबंधित वीडियो मांगी है, उन्हें वीडियो उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पिछले कई दिनों से चल रहे इस विवाद को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। भाजपा ने पहले ही कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि राष्ट्रगान के अपमान के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। विपक्ष का कहना था कि यदि सरकार के पास इससे संबंधित कोई वीडियो है तो उसे सामने लाया जाना चाहिए। अब स्पीकर की मंजूरी के बाद यह वीडियो भाजपा विधायकों को उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।

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जयराम ठाकुर बोले- मंत्रियों को जिम्मेदारी से देना चाहिए जवाब

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में मंत्रियों के जवाबों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष को सदन की गरिमा के अनुरूप सवालों का सही और जिम्मेदारी के साथ जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार की ओर से तथ्यों के आधार पर जवाब दिए जाने चाहिए। रोजगार समेत कई मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार के जवाबों पर असंतोष जताया।

सीएम सुक्खू का पलटवार- विधानसभा रूल से चलेगी

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि विधानसभा नियमों के अनुसार चलेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सदन में पूछे गए सवालों का पूरा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विवाद सवालों के जवाब का नहीं, बल्कि व्यवहार का है। उन्होंने सरकार की ओर से रोजगार और भर्ती को लेकर उठाए गए कदमों का भी सदन में उल्लेख किया।

 

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रोजगार के सवाल पर गरमाया सदन, विपक्ष का वॉकआउट

चौथे दिन सबसे ज्यादा राजनीतिक गर्मी रोजगार के मुद्दे को लेकर देखने को मिली। झंडूता से भाजपा विधायक जेआर कटवाल ने सरकार के सामने खाली पदों और रोजगार के वादों का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने लाखों रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद अब भी खाली हैं। सरकार के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का आरोप था कि भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर को सवाल पूछने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। हंगामा बढ़ने के बाद भाजपा विधायक दल नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गया।

13 विभागों में 11,610 पद खाली होने का दावा

भाजपा विधायक जेआर कटवाल ने सरकार से पांच लाख नौकरियों के वादे पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि 13 विभागों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं और करीब 37 फीसदी पद खाली बताए जा रहे हैं। कटवाल ने विशेष रूप से बिजली बोर्ड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां लगभग 47 प्रतिशत पद खाली हैं। उन्होंने सरकार से सदन में स्पष्ट आंकड़े रखने की मांग की कि अब तक कितने युवाओं को रोजगार दिया गया है।

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जयराम ठाकुर ने गिनाए विभागों में खाली पद

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी सरकारी विभागों में रिक्तियों का आंकड़ा सामने रखते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग में 5,017, बिजली बोर्ड में 3,635, लोक निर्माण विभाग में 2,768, उच्च शिक्षा में 3,442, प्राथमिक शिक्षा में 10,859 और स्वास्थ्य विभाग में 1,298 पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को चार साल पूरे होने वाले हैं और अब सवाल यह है कि इन रिक्त पदों को कब भरा जाएगा। जयराम ने कांग्रेस की रोजगार गारंटी को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।

सीएम बोले- 1,350 पुलिस पद भरे, एक हजार की प्रक्रिया जारी

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार खाली पदों को भरने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में 1,350 पद भरे जा चुके हैं, जबकि करीब एक हजार पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं।

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पेपर लीक नहीं होंगे’, आउटसोर्स भर्ती कम करने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किए हैं और व्यक्तिगत साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार सख्त व्यवस्था पर काम कर रही है। सीएम ने यह भी कहा कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या कम करने की दिशा में काम कर रही है और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है।

सड़कों पर अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी उठा

मानसून सत्र के चौथे दिन सड़कों पर अवैध अतिक्रमण का मामला भी सदन में उठा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यदि सड़क की जमीन पर अतिक्रमण हुआ है तो संबंधित मामला लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है और विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण से जुड़े कई मामले न्यायालय में भी विचाराधीन हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभाग को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ना होगा।

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किसानों और बागवानों के मुद्दे पर भी होगी चर्चा

विधानसभा के चौथे दिन रोजगार और राष्ट्रगान विवाद के अलावा किसानों और बागवानों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहने वाले हैं। फसलों की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और प्रदेश की जल संपदा से जुड़े राजस्व हितों पर भी सदन में चर्चा प्रस्तावित है। कार्यसूची के अनुसार नियम-62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और नियम-130 के तहत युवा रोजगार तथा जलविद्युत परियोजनाओं से बकाया राशि की वसूली जैसे विषयों पर चर्चा होनी है।

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