#राजनीति
September 1, 2026
अनुराग ठाकुर का तंज: रोजगार नहीं दे पाए.. अब लॉटरी से अमीर बनने के सपने दिखा रही सुक्खू सरकार
जनता को लूटने का नया प्रयोग है लॉटरी व्यवस्था, भाजपा पंचायत स्तर पर करेगी इसका विरोध
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में लॉटरी व्यवस्था को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। सुक्खू सरकार के लॉटरी शुरू करने के प्रस्ताव पर विपक्ष लगातार हमलावर है। अब हमीरपुर से भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिलासपुर पहुंचे अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और विकास के मोर्चे पर अपनी गारंटियां पूरी करने के बजाय अब लॉटरी के जरिए प्रदेश की जनता को अमीर बनने के सपने दिखाने का प्रयोग कर रही है।
अनुराग ठाकुर ने लॉटरी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, वही सरकार अब रोजगार के अवसर पैदा करने के बजाय लॉटरी के जरिए लोगों की किस्मत बदलने की बात कर रही है। उन्होंने इसे प्रदेश की जनता की मेहनत की कमाई से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि भाजपा इस फैसले का पंचायत स्तर तक विरोध करेगी।
बिलासपुर में अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने की गारंटी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार अब तक उस दिशा में अपेक्षित काम नहीं कर पाई है।
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अनुराग ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी और रोजगार देने में सफल नहीं हुई तो अब लॉटरी के जरिए उन्हें रातोंरात अमीर बनने के सपने दिखाए जा रहे हैं। उनके अनुसार सरकार को प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, उद्योग और रोजगार बढ़ाने तथा युवाओं के लिए स्थायी अवसर पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि लॉटरी व्यवस्था के माध्यम से सरकार प्रदेश के भोले-भाले लोगों को लुभाने और उनकी मेहनत की कमाई को जोखिम में डालने का नया प्रयोग करने जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार पहले ही महंगाई तथा आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में लॉटरी को बढ़ावा देने से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

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बड़ी रकम जीतने का लालच लोगों को अपनी कमाई दांव पर लगाने के लिए प्रेरित कर सकता है। हालांकि, लॉटरी व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से प्रस्तावित प्रावधानों और उसके संभावित राजस्व मॉडल को लेकर अंतिम स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने में जुट गई है।
अनुराग ठाकुर ने लॉटरी के मुद्दे को सीधे कांग्रेस की चुनावी गारंटियों से जोड़ते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से कई वादे किए गए थे। युवाओं को रोजगार देने से लेकर अन्य राहतों की गारंटियां दी गईं, लेकिन अब सरकार उन मुद्दों से ध्यान हटाकर नए प्रयोग करने में जुटी है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए नए उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करने के बजाय ऐसी व्यवस्था क्यों लाई जा रही है, जिसमें आम आदमी अपनी किस्मत आजमाने के लिए पैसा खर्च करे।
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अनुराग ठाकुर ने साफ किया कि भाजपा लॉटरी व्यवस्था के मुद्दे को केवल विधानसभा या राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पंचायत स्तर तक जाकर इसका विरोध करेगी। भाजपा कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर लॉटरी व्यवस्था के संभावित सामाजिक और आर्थिक प्रभावों के बारे में जागरूकता अभियान चलाएंगे। अनुराग ने कहा कि पार्टी प्रदेश की जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।
अनुराग ठाकुर ने सरकार की राजस्व नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को प्रदेश के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना है तो इसके लिए रोजगार, निवेश, पर्यटन, उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनके अनुसार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रास्ता आम लोगों की जेब से पैसा निकालने के बजाय नए आर्थिक अवसर पैदा करने से होकर गुजरता है।
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश में लॉटरी पर प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद अब दोबारा लॉटरी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस फैसले का विरोध करेगी और सरकार को जनता के हितों से जुड़े सवालों पर जवाब देना होगा।
भाजपा की रणनीति अब लॉटरी व्यवस्था को सीधे युवाओं के रोजगार और कांग्रेस की चुनावी गारंटियों से जोड़ने की दिखाई दे रही है। अनुराग ठाकुर ने जिस तरह सरकार पर 'रोजगार देने के बजाय लॉटरी से अमीर बनने के सपने दिखाने' का आरोप लगाया है, उससे यह मुद्दा आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में और जोर पकड़ सकता है। अब निगाहें सरकार के जवाब पर हैं कि लॉटरी व्यवस्था को लेकर उसका वास्तविक प्रस्ताव क्या है, इससे प्रदेश को कितना राजस्व मिलने की उम्मीद है और भाजपा के विरोध के बीच सरकार इस योजना को किस तरह आगे बढ़ाती है।