शिमला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने रविवार को पार्टी के विदेश मामलों के विभाग (DFA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। शर्मा ने कहा कि अब समय है कि इस जिम्मेदारी को पार्टी के युवा नेता संभालें। वह पिछले एक दशक से इस विभाग का नेतृत्व कर रहे थे।
मल्लिकार्जुन खरगे को लिखा पत्र
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में आनंद शर्मा ने कहा कि मुझे यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, मैं विदेश विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं ताकि इसका पुनर्गठन हो सके। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य बने रहेंगे।
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शिमला के रहने वाले हैं आनंद शर्मा
बता दें कि आनंद शर्मा शिमला के रहने वाले है। और राज्यसभा सांसद बन उन्होंने प्रदेश के लिए अहम प्रोजेक्ट लाए। वहीं, हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने उन्हें कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र से टिकट दिया। मगर इस चुनाव में उन्हें हार मिली।
भारत-अमेरिका परमाणु समझौते में निभाई थी अहम भूमिका
आनंद शर्मा ने अपने राजनीतिक करियर में विदेश नीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भारत का नेतृत्व किया है। उन्होंने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते की वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत-विशिष्ट छूट की वकालत की। इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का रुख स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे गए सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल में भी वह शामिल थे।
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