मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही गांव की गलियों से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा चुका है। इस बार का चुनाव न केवल विकास के दावों के लिए याद रखा जाएगा, बल्कि रिश्तों की नई सियासी बिसात के लिए भी चर्चा में है। प्रदेश के कई हिस्सों में चुनावी रणभेरी बजते ही एक ही परिवार के कई सदस्य मैदान में कूद पड़े हैं। कहीं ननद.भाभी के बीच मुकाबला है, तो कहीं पति.पत्नी की जोड़ियां चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। मंडी जिला की सराज घाटी में तो एक ऐसी ही जोड़ी इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नामांकन वापसी के बाद स्पष्ट हुई तस्वीर
पंचायत चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने का आज अंतिम दिन है, जिसके बाद दोपहर 3 बजे के बाद चुनावी तस्वीर साफ हो जाएगी। मैदान में डटे रहने वाले उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे, जिसके साथ ही प्रचार का असली रोमांच शुरू होगा।
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पति पत्नी की जोड़ी चुनावी रण में कूदी
सराज की केओली पंचायत इस बार सबसे हॉट सीट बनकर उभरी है। यहां एक ही छत के नीचे रहने वाले पति.पत्नी अब पंचायत की दो सबसे बड़ी कुर्सियों पर काबिज होने के लिए अलग.अलग पदों पर ताल ठोक रहे हैं। स्थानीय लोग इस अनोखी पावर कपल की दावेदारी को लेकर काफी उत्साहित और चकित नजर आ रहे हैं।
जीत गए तो पति की बॉस बनेगी पत्नी
सराज की केओली पंचायत से पूर्व उप-प्रधान खजान सिंह अपनी तीसरी पारी खेलने के लिए बेताब हैं। लम्बाथाच और केओली पंचायत में दो बार उप-प्रधान रह चुके खजान सिंह ने इस बार फिर इसी पद के लिए अपना पर्चा भरा है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब उनकी पत्नी विपना ठाकुर ने भी पंचायत के सर्वोच्च पद यानी प्रधान के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। अब आलम यह है कि पति उप-प्रधान पद के लिए वोट मांग रहे हैं और पत्नी प्रधान पद के लिए जनसंपर्क अभियान में जुटी हैं। इस जोड़ी की सक्रियता ने अन्य प्रतिद्वंदियों की चिंता बढ़ा दी है।
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कहीं ननद-भाभी तो कहीं पति-पत्नी
हिमाचल के इस चुनाव में केवल सराज ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी ऐसे ही दिलचस्प मामले सामने आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि परिवार के सदस्यों का एक साथ चुनाव लड़ना यह दर्शाता है कि ग्रामीण राजनीति में अब महिलाएं और युवा अपनी भागीदारी को लेकर अधिक सजग हुए हैं। केओली पंचायत में प्रधान पद के लिए 8 और उप-प्रधान के लिए 6 धुरंधर मैदान में हैं, जबकि वार्ड सदस्यों के पदों के लिए भी कड़ा मुकाबला है। लेकिन इन सबके बीच पति-पत्नी की यह चुनावी जुगलबंदी सबसे अधिक सुर्खियां बटोर रही है।
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सोशल मीडिया और गुप्त बैठकों ने पकड़ी रफ्तार
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, सराज घाटी में चुनावी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया खत्म होते ही अब गांवों में गुप्त बैठकों का दौर शुरू हो गया है। उम्मीदवार डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर वोट की अपील के साथ-साथ विकास के वादों की झड़ी लगी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी एक ही परिवार के दो सदस्यों को इस तरह एक साथ चुनावी मैदान में सक्रिय नहीं देखा। अब यह तो वक्त ही बताएगा कि केओली की जनता इस 'जोड़ी' को पंचायत की कमान सौंपती है या किसी नए चेहरे पर भरोसा जताती है।
