शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार रात से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। इसका सबसे बड़ा असर चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर पड़ा, जहां औट के पास बनाना, केंची मोड़ और जोगनी माता क्षेत्र में हुए भूस्खलनों (लैंडस्लाइड) ने यातायात पूरी तरह रोक दिया।
जगह-जगह मलबा और पत्थर
सड़क पर जगह-जगह मलबा और पत्थर गिरने से सैकड़ों वाहन दोनों ओर फंस गए। मंडी से कुल्लू को जोड़ने वाली वैकल्पिक सड़क वाया कटौला भी IIT कमांद के पास भूस्खलन के कारण बंद है। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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कई सड़कें हुई बंद
हाईवे पर फंसे वाहन चालकों को घंटों से सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। जेसीबी मशीनों की मदद से प्रशासन मलबा हटाने में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से राहत मिलना आसान नहीं दिख रहा।
लगातार छह दिन बरसेंगे बादल
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले पांच से छह दिन तक प्रदेश में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 21 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार वर्षा की संभावना जताई गई है।
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कई जिलों में यलो अलर्ट
आज यानी 16 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, चंबा और शिमला जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 17 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और शिमला में यलो अलर्ट रहेगा, जबकि 18 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर तथा 19 अगस्त को ऊना और कांगड़ा में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
फसलों को हो रहा नुकसान
शिमला जिला की स्थिति सबसे गंभीर है। यहां सामान्य से 82 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। लगातार वर्षा के कारण सेब और मक्की जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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जन और धन का भारी नुकसान
लगातार बारिश और भूस्खलन से अब तक प्रदेश को भारी क्षति झेलनी पड़ी है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, इस मानसून में अब तक 2144 करोड़ रुपये से ज्यादा की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। 562 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। 1705 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
अब तक 257 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से 33 लोगों की मौत बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड जैसी घटनाओं में हुई है। इसके अलावा 37 लोग अभी तक लापता बताए जा रहे हैं।
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यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम पूरी तरह साफ होने तक अनावश्यक यात्रा न करें। खासतौर पर चंडीगढ़-मनाली मार्ग और अन्य पहाड़ी सड़कों पर सफर करने से पहले मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ताजा एडवाइजरी जरूर देखें।
लगातार बरसात से जहां लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है, वहीं पहाड़ों पर रहने वाले ग्रामीणों में भी भय का माहौल है। लोग रोज़ाना घरों और खेतों में हो रहे नुकसान से जूझ रहे हैं। आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
