#राजनीति
August 15, 2025
अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी शिफ्ट करने की घोषणा पर गरमाई राजनीति, जयराम ने घेरी सुक्खू सरकार
जयराम ठाकुर बोले कांग्रेस संस्थानों को बंद करने और शिफ्ट करने में जुटी
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मंडी। हिमाचल सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किए गए एक फैसले ने प्रदेश की राजनीति में गर्माहट ला दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मंडी जिले के नेरचौक में स्थित अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी को सरकाघाट स्थानांतरित करने की घोषणा के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर विपक्षी दल भाजपा ने इस फैसले को जनता के हितों के खिलाफ बताया है, वहीं सरकार के भीतर से भी असहमति के स्वर उठने लगे हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस निर्णय को सरकार की संकीर्ण सोच करार देते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जनहित में कार्य करने के बजाय संस्थानों को राजनीतिक हथकंडों का शिकार बना रही है। अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी पिछले आठ वर्षों से नेरचौक में सुचारू रूप से संचालित हो रही है। भाजपा सरकार के समय इसे एक मजबूत आधार मिला था, लेकिन वर्तमान सरकार अब तक यह तय नहीं कर पाई कि इसे लेकर उनकी नीति क्या है।
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जयराम ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का आधा कार्यकाल गुजर चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस विकास योजना धरातल पर नहीं उतरी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल पहले से चले आ रहे संस्थानों को रोकना, प्रोजेक्ट के टेंडर निरस्त करना और बजट वापस बुलाना रह गया है।
सरकार के इस फैसले का विरोध केवल विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। पूर्व आबकारी एवं कराधान मंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रकाश चौधरी ने भी इस निर्णय पर आपत्ति दर्ज करवाई है। उन्होंने साफ कहा कि वे मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर आग्रह करेंगे कि अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी को नेरचौक से न हटाया जाए।
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प्रकाश चौधरी ने तर्क दिया कि नेरचौक न केवल मंडी जिले काए बल्कि पूरे प्रदेश का एक महत्वपूर्ण भौगोलिक केंद्र है। ष्यहां से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों तक आवागमन आसान है और यहीं पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की बेहतर संरचनाएं पहले से मौजूद हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी को यहां से स्थानांतरित करना एक गलत कदम होगा।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी की नींव पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर के प्रयासों से रखी गई थी। ष्यह संस्थान क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को सुधारने का कार्य कर रहा है, ऐसे में इसे हटाना जनता के हित में नहीं है।
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स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर पर जहां लोग नई योजनाओं की घोषणा की उम्मीद कर रहे थे, वहीं इस फैसले ने जनता को उलझन में डाल दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेरचौक में पहले से ही मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और यूनिवर्सिटी की इमारतें विकसित हो चुकी हैं,ऐसे में नई जगह पर शिफ्ट करना धन और समय की बर्बादी होगी।