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June 11, 2026

हिमाचल: गरीब बेटी के सिर से उठा पिता का साया, मजदूरी कर भरता था परिवार का पेट; ऐसे थमी सांसें

हार्ट अटैक ने छीन लिया परिवार से उनका सहारा व्यक्ति की थमी सांसें

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mandi News

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक बेहद मार्मिक और दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गरीब परिवार की खुशियां उस समय पलभर में बिखर गईं, जब घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की अचानक मौत हो गई। रोजाना मजदूरी कर पत्नी और बेटी का पालन-पोषण करने वाले व्यक्ति के निधन के बाद परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिससे उबर पाना आसान नहीं होगा।

 

घटना मंडी जिले के पधर उपमंडल के अंतर्गत कुन्नू बाजार क्षेत्र की है, जहां 55 वर्षीय राज कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। उनके निधन से न केवल परिवार ने अपना सहारा खो दिया है, बल्कि अब उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।

अस्पताल पहुंचने से पहले थम गईं सांसें

बताया जा रहा है कि बुधवार राज कुमार अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। उनकी हालत बिगड़ती देख परिजन और आसपास के लोग घबरा गए और तत्काल उन्हें उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पधर ले जाने लगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।

 

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बेटी के सिर से उठा पिता का साया

राज कुमार अपने पीछे पत्नी और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनकी मौत के साथ ही बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार के लोगों का कहना है कि राज कुमार अपनी बेटी के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे और उसकी पढ़ाई-लिखाई तथा बेहतर जीवन के लिए दिन-रात मेहनत करते थे। अब परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जीवनयापन की है, क्योंकि घर की पूरी जिम्मेदारी और आय का एकमात्र स्रोत राज कुमार ही थे।

हिमाचल में बसाया था अपना घर

जानकारी के अनुसार राज कुमार कई वर्षों से मंडी जिले में रह रहे थे। उन्होंने हिमाचली मूल की महिला से विवाह किया था और इसके बाद कुन्नू बाजार में परिवार के साथ जीवन बिता रहे थे। मजदूरी करके वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे और सीमित संसाधनों में भी परिवार को बेहतर जीवन देने का प्रयास कर रहे थे। उनकी अचानक मौत ने परिवार के सपनों को गहरा झटका दिया है।

 

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गरीबी के बीच बढ़ी परिवार की चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है। ऐसे में कमाने वाले सदस्य की मौत ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। पड़ोसियों और ग्रामीणों का कहना है कि राज कुमार मेहनतकश और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे, जो हमेशा अपने परिवार के लिए संघर्ष करते रहे। उनके निधन के बाद अब पत्नी और बेटी के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

प्रशासन से सहायता की उठी मांग

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने प्रशासन से परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मदद प्रदान करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन को आगे आकर पीड़ित परिवार को राहत प्रदान करनी चाहिए, ताकि पत्नी और बेटी को भविष्य में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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नम आंखों से दी अंतिम विदाई

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद स्थानीय श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। राज कुमार की मौत ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि गरीब परिवारों के लिए घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य का जाना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य पर गहरा संकट बनकर टूटता है।

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