शिमला: हिमाचल प्रदेश में बरसात के बाद खराब सड़कों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। ea=h fodzekfnR; flag dk लोक निर्माण विभाग प्रदेश की करीब 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग करवाएगा। सरकार इस काम पर करीब 120 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे लंबे समय से मरम्मत और टारिंग का इंतजार कर रही सड़कों को नई सतह मिलने की उम्मीद है।

बरसात के बाद सड़कों को मिलेगा नया लुक

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक डॉ. हंस राज के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बरसात खत्म होने के बाद सड़कों की टारिंग का काम तेज किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाना और लोगों को सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध करवाना है। लोक निर्माण मंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण और टारिंग के लिए लोक निर्माण विभाग के पास धन की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग प्रदेश की जरूरत के अनुसार सड़कों की मरम्मत और सुधार का काम आगे बढ़ा रहा है।

 

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तारकोल महंगा होने से प्रभावित हुई टारिंग

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण तारकोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इससे सड़कों की टारिंग की लागत बढ़ी और इसका असर निर्माण कार्य पर पड़ा। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई लागत से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार की भरपाई अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से की जाएगी।

250 आबादी वाले गांवों को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य

सरकार ने प्रदेश के ऐसे गांवों को भी सड़क नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई है, जिनकी आबादी 250 या उससे अधिक है। इसके लिए संबंधित पंचायतों और ग्रामीणों को सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि सरकार को उपलब्ध करवानी होगी।

 

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गिफ्ट डीड होते ही शुरू होगा सड़क निर्माण

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए जमीन की गिफ्ट डीड लोक निर्माण विभाग के नाम होते ही संबंधित सड़क का काम शुरू किया जा सकेगा। सरकार की योजना ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़कर लोगों की आवाजाही और विकास को गति देने की है।

चुराह के गांव भी सड़क योजना में होंगे शामिल

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र के गांवों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। इससे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

कल्हेल-शिंड सड़क PMGSY-4 में बनाने का प्रस्ताव 

विधायक डॉ. हंस राज ने कल्हेल से भल्लीघराट-नेला सड़क को जुंगराहर, हुदूंड और रैला सहित अन्य गांवों से जोड़ने को लेकर सवाल किया। जवाब में मंत्री ने बताया कि कल्हेल से शिंड सड़क के निर्माण के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध न होने के कारण अभी काम शुरू नहीं हो पाया है। अब इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-4 के दूसरे बैच में शामिल कर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

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करोड़ों के स्क्रैप पर भी विधानसभा में उठा सवाल

विधानसभा में अनुपूरक सवाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया ने विभिन्न सरकारी विभागों में पड़े करोड़ों रुपये के स्क्रैप का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों में बड़ी मात्रा में स्क्रैप पड़ा हुआ है और इसके निपटारे के लिए सभी विभागों की संयुक्त कमेटी बनाई जानी चाहिए।

स्क्रैप को एक जगह लाने पर होगा फैसला

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जवाब देते हुए कहा कि सरकारी विभागों में पड़े स्क्रैप को एक ही स्थान पर लाने की व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया जाएगा। सरकार इस दिशा में उचित व्यवस्था बनाने पर विचार कर रही है।

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सड़क नेटवर्क मजबूत करने पर सरकार का जोर

सरकार की ओर से 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग और ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने की योजना से प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर बरसात के कारण खराब हुई सड़कों की हालत सुधारने के लिए आने वाले समय में लोक निर्माण विभाग का फोकस टारिंग और मरम्मत कार्यों पर रहेगा।

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