#विविध
August 20, 2026
हिमाचल के अस्पताल में जन्मा अनोखा बच्चा- हाथ और पैर में हैं 24 उंगलियां, हर कोई हैरान
मां और नवजात पूरी तरह से स्वस्थ हैं
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर में एक नवजात के जन्म ने अस्पताल में मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। नागरिक अस्पताल पालमपुर में मंगलवार देर रात एक बच्चे का जन्म हुआ, जिसके दोनों हाथों और दोनों पैरों में छह-छह उंगलियां हैं। यानी नवजात के हाथ-पैर में कुल 24 उंगलियां हैं।
खास बात यह है कि बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ और मां व नवजात दोनों स्वस्थ हैं। तहसील पालमपुर के गांव मनियासा, डाकघर पाहड़ा निवासी रूपा को मंगलवार रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजन नागरिक अस्पताल पालमपुर लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने महिला की जांच के बाद सामान्य प्रसव करवाया। देर रात करीब 12:43 बजे बच्चे की किलकारी अस्पताल में गूंजी।
प्रसव के बाद जब नवजात की जांच की गई तो उसके हाथ-पैर में सामान्य से अधिक उंगलियां होने की बात सामने आई। बच्चे के दोनों हाथों में छह-छह और दोनों पैरों में भी छह-छह उंगलियां हैं। यह देखकर अस्पताल स्टाफ और परिजनों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार प्रसव के दौरान महिला को किसी तरह की गंभीर परेशानी नहीं हुई। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में प्रसव सुरक्षित तरीके से हुआ। जन्म के बाद नवजात की हालत भी सामान्य बताई गई है। फिलहाल मां और बच्चे दोनों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
चिकित्सकीय भाषा में सामान्य से अधिक उंगलियां होने की स्थिति को पॉलीडैक्टिली कहा जाता है। यह जन्मजात स्थिति होती है, जिसमें भ्रूण के विकास के दौरान हाथ या पैर में अतिरिक्त उंगली विकसित हो जाती है। अतिरिक्त उंगली पूरी तरह विकसित हो सकती है या उसमें केवल त्वचा और ऊतक मौजूद हो सकते हैं।

चिकित्सकों के अनुसार इसके कई मामले आनुवंशिक कारणों से भी जुड़े हो सकते हैं। केवल अतिरिक्त उंगलियां होना अपने आप में किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं माना जाता। हालांकि, नवजात की स्थिति और अतिरिक्त उंगलियों की बनावट के आधार पर आगे चिकित्सकीय जांच की आवश्यकता हो सकती है।
नागरिक अस्पताल पालमपुर के एमएस डॉ. तिलक बागड़ा ने बताया कि महिला का सामान्य प्रसव हुआ है और मां तथा नवजात दोनों की स्थिति ठीक है। इस अनोखे जन्म की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल और आसपास के क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।