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August 19, 2026

हिमाचल ने खो दिया बहादुर फौजी, ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत; दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

भारतीय सेना की 21 गढ़वाल रेजिमेंट में हवलदार के पद पर तैनात थे अश्वनी कुमार

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himachal kangra Jawan

कांगड़ा। हिमाचल  प्रदेश ने आज अपना एक और बहादुर जवान खो दिया। कांगड़ा जिले के धीरा उपमंडल के नौरा क्षेत्र के मतेहड़ गांव से बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारतीय सेना में तैनात 42 वर्षीय हवलदार अश्वनी कुमार का दिल्ली में ड्यूटी के दौरान अचानक निधन हो गया। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने दम तोड़ दिया। जवान की असमय मौत की खबर मिलते ही पैतृक गांव में मातम छा गया।

ड्यूटी निभाते-निभाते हमेशा के लिए छोड़ गए साथ

अश्वनी कुमार पुत्र स्वर्गीय शरवन मेहता भारतीय सेना की 21 गढ़वाल रेजिमेंट में हवलदार (क्लर्क) के पद पर सेवाएं दे रहे थे। इन दिनों उनकी तैनाती दिल्ली में थी। मंगलवार रात वह रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी ड्यूटी साबित होगी।

 

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रात करीब पौने 11 बजे अचानक बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 10:45 बजे ड्यूटी के दौरान अश्वनी कुमार की तबीयत अचानक खराब होने लगी। साथी जवानों ने उनकी हालत को देखते हुए तत्काल उन्हें सैन्य अस्पताल पहुंचाया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद कुछ समय के लिए उनकी तबीयत में सुधार भी हुआ।

नहीं बच सकी जान

परिवार के लिए सबसे दुखद पल उस समय आया जब रात करीब 12 बजे अश्वनी कुमार की तबीयत दोबारा बिगड़ गई। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। ड्यूटी के दौरान जवान की मौत की खबर ने सेना के साथियों और परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

 

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गांव में पहुंची खबर तो छा गया मातम

बुधवार सुबह जैसे ही अश्वनी कुमार के निधन की खबर उनके पैतृक गांव मतेहड़ पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जिस जवान के घर से परिवार को उसकी सलामती की खबर का इंतजार था, वहां अचानक उनके निधन का समाचार पहुंच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

हवलदार अश्वनी कुमार अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। जवान की अचानक मौत ने परिवार से उनका सहारा छीन लिया है। दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। परिवार के लिए यह ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

 

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सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

अश्वनी कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मतेहड़ लाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार वीरवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम विदाई के दौरान ग्रामीणों के साथ सेना के जवान और अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

हर किसी की आंखें नम, गांव को अपने जवान पर था गर्व

हवलदार अश्वनी कुमार के आकस्मिक निधन से मतेहड़ सहित पूरे नौरा क्षेत्र में शोक का माहौल है। देश की सेवा करते हुए अपने प्राण गंवाने वाले इस जवान को क्षेत्रवासी नम आंखों से अंतिम विदाई देंगे। जवान का इस तरह अचानक चले जाना परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए कभी न भर पाने वाला दुख है।

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