शिमला। हिमाचल प्रदेश में बस, ट्रक, टैक्सी और अन्य व्यावसायिक वाहन संचालकों के लिए आने वाले दिनों में खर्च बढ़ सकता है। प्रदेश सरकार ने कमर्शियल वाहनों के परमिट शुल्क में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो वाहन मालिकों को न केवल अधिक शुल्क चुकाना होगा, बल्कि हर दो साल बाद शुल्क में स्वतः 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी हो सकती है।
नियमों में बदलाव का मसौदा जारी
परिवहन विभाग ने हिमाचल प्रदेश मोटर यान नियम, 1999 के नियम-67 में संशोधन का मसौदा जारी करते हुए आम जनता, वाहन संचालकों और परिवहन संगठनों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। अंतिम निर्णय इन सुझावों पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।
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बस ऑपरेटरों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
प्रस्तावित संशोधनों के तहत नियमित बस परमिट के लिए आवेदन शुल्क को बढ़ाकर 1500 रुपये और अस्थायी परमिट शुल्क 750 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं अन्य यात्री वाहनों और निजी सेवा वाहनों के लिए नियमित परमिट शुल्क 1000 रुपये और अस्थायी परमिट शुल्क 500 रुपये निर्धारित करने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मालवाहक वाहनों की विभिन्न श्रेणियों के लिए भी नई शुल्क दरें तय करने का प्रस्ताव है।
हर दो साल बाद अपने आप बढ़ेगी फीस
सरकार ने प्रस्तावित नियमों में एक स्वचालित वृद्धि प्रणाली का भी प्रावधान किया है। इसके तहत यदि संशोधन लागू होता है तो परमिट शुल्क में हर दो साल बाद स्वतः 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी।
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बढ़ी हुई राशि को निकटतम 10 रुपये तक राउंड ऑफ किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे बार-बार शुल्क संशोधन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, लेकिन वाहन संचालकों की लागत लगातार बढ़ती रहेगी।
ऑनलाइन भुगतान और पारदर्शिता पर जोर
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि परमिट या उसके प्रतिहस्ताक्षर के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को नकद रसीद, ऑनलाइन भुगतान रसीद या ट्रेजरी चालान जमा करना अनिवार्य होगा।
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जारी होगी एक रसीद
शुल्क जमा होने के बाद क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण निर्धारित प्रारूप में रसीद जारी करेगा। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से परमिट प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी तथा परिवहन सेवाओं के बेहतर नियमन में सहायता मिलेगी।
अगले 30 दिन रहेंगे अहम
फिलहाल यह केवल मसौदा अधिसूचना है और अंतिम फैसला वाहन संचालकों, परिवहन संगठनों और आम जनता से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों पर विचार करने के बाद लिया जाएगा। ऐसे में आगामी 30 दिन परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
