#विविध
June 10, 2026
हिमाचल : मंदिर तक पहुंचीं आ.ग की लपटें, मची अफरा-तफरी; डॉ. वैशाली की सूझबूझ से बचीं 500 जानें
लोगों को संयम बनाए रखने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह
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कांगड़ा। इन दिनों हिमाचल के जंगल लगातार धधक रहे हैं। कहीं चीड़ के जंगल आग की चपेट में आ रहे हैं तो कहीं लपटें आबादी और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने लगी हैं। ऐसी ही एक भयावह आग मंगलवार शाम कांगड़ा के नगरोटा बगवां क्षेत्र में भड़क उठी, जहां नयना देवी मंदिर में भंडारे और भजन-कीर्तन में जुटे करीब 500 श्रद्धालुओं की जान अचानक खतरे में पड़ गई। लेकिन संकट की इस घड़ी में एक डॉक्टर की सूझबूझ और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने बड़े हादसे को टाल दिया।
कांगड़ा जिले के पटियालकड़ गांव स्थित नयना देवी मंदिर के आसपास मंगलवार शाम भीषण जंगल की आग भड़क उठी। मंदिर में उस समय भंडारे और भजन-कीर्तन का आयोजन चल रहा था, जिसमें तंगरोटी, धलूं और आसपास के गांवों से करीब 500 श्रद्धालु पहुंचे हुए थे।
शाम करीब साढ़े सात बजे तेज हवाओं के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों तक पहुंच गई।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तंगरोटी गांव की निवासी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा के मेडिसन विभाग में कार्यरत डॉ. वैशाली कक्कड़ ने घबराने की बजाय लोगों को संयम बनाए रखने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी। उन्होंने तुरंत पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाने का आग्रह किया।
सूचना मिलते ही वन विभाग और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चले संयुक्त अभियान के दौरान कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शी सचिन कौशल ने बताया कि वह 12 लोगों के साथ मंदिर गए थे। वापसी के समय आग की लपटें और धुआं इतनी तेजी से फैल चुका था कि सड़क तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया था। चारों ओर भय और अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन करीब दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल सके।
बुधवार को डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा सहित वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दिन में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया था और लोगों को जंगल की ओर न जाने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन तेज हवाओं के कारण शाम को आग दोबारा भड़क उठी। विभाग अब आग लगने के कारणों और जंगल को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।