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June 8, 2026

नशे के दलदल में धंसी महिलाओं को 'नवजीवन' देगी सुक्खू सरकार, खुला हिमाचल का पहला विशेष केंद्र

सीएम सुक्खू ने किया लोकार्पण, पुलिस करेगी इस महिला नशा मुक्ति केंद्र का संचालन

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Women De-Addiction Centre

शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के जाल और इसकी गिरफ्त में आती महिलाओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने देवभूमि की बेटियों और महिलाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए राज्य का पहला विशेष सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र ‘नवजीवन’ शुरू किया है। शिमला के मशोबरा में स्थापित इस खास केंद्र का लोकार्पण खुद मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किया। यह कदम ‘नशामुक्त हिमाचल अभियान’ को एक नई और मजबूत दिशा देने वाला साबित होगा।

महिलाओं के लिए खुला पहला नशामुक्ति केंद्र 

पिछले कुछ समय से राज्य में महिलाओं के भी नशे के जाल में फंसने के चिंताजनक मामले सामने आ रहे थे। इसी स्थिति को भांपते हुए सुक्खू सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया। 'नवजीवन' केंद्र में उन महिलाओं और युवतियों का इलाज किया जाएगा जो किसी न किसी वजह से नशे के अंधकार में खो चुकी हैं। इस केंद्र में पीड़ित महिलाओं को केवल दवाइयां ही नहीं दी जाएंगी, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से दोबारा जोड़ने के लिए उपचार, विशेष परामर्श (कौंसलिंग), पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन की विश्वस्तरीय सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जाएंगी।

उपचार से लेकर सामाजिक पुनर्स्थापन तक मिलेगी मदद

‘नवजीवन’ केंद्र में महिलाओं को व्यापक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार होगा, जबकि मनोवैज्ञानिक परामर्श के माध्यम से उन्हें मानसिक तनाव और नशे की निर्भरता से बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा। 

 

इसके अलावा महिलाओं के लिए पुनर्वास कार्यक्रम, जीवन कौशल प्रशिक्षण, पारिवारिक परामर्श और सामाजिक पुनर्स्थापन की विशेष व्यवस्था भी की गई है। सरकार का मानना है कि केवल इलाज से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रभावित महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना भी जरूरी है।

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हिमाचल पुलिस संभालेगी पूरे केंद्र की जिम्मेदारी

इस केंद्र की सबसे खास बात यह है कि इसका संचालन और दैनिक प्रबंधन हिमाचल प्रदेश पुलिस के जिम्मे होगा। पुलिस न केवल केंद्र की व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी, बल्कि पुनर्वास कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन में भी अहम भूमिका निभाएगी। सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में पुलिस की सक्रिय भागीदारी से इस केंद्र का संचालन अधिक प्रभावी और परिणामकारी होगा।

नशे को सामाजिक चुनौती मान रही सरकार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक चुनौती है। इसलिए सरकार केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार और सम्मानजनक जीवन का अवसर भी देना चाहती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए विशेष नशामुक्ति केंद्र की स्थापना इसी सोच का हिस्सा है, ताकि प्रभावित महिलाओं को नई शुरुआत का अवसर मिल सके।

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तस्करों पर कार्रवाई के साथ पुनर्वास भी जरूरी

पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल गिरफ्तारी और कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए नशे की चपेट में आए लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास उपलब्ध करवाना भी उतना ही जरूरी है। ‘नवजीवन’ केंद्र इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

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नशामुक्त और सशक्त हिमाचल की ओर कदम

सरकार को उम्मीद है कि यह केंद्र नशे की समस्या से जूझ रही महिलाओं के लिए नई उम्मीद बनेगा। साथ ही यह पहल नशामुक्त, स्वस्थ और सशक्त हिमाचल के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो सकती है। वर्षों तक नशे के अंधेरे में भटक चुकी महिलाओं के लिए ‘नवजीवन’ वास्तव में एक नई जिंदगी की शुरुआत बनने जा रहा है।

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