शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL में आने वाले पात्र परिवारों के चयन के लिए आठवें चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत इस बार पात्रता के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, ताकि अब तक सूची से बाहर रह गए वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

इसलिए लागू किए गए नए मानदंड

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार इस चरण में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता देने के लिए नए मानदंड लागू किए गए हैं। विशेष रूप से ऐसे परिवार, जिनमें 27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चे हैं, उन्हें प्राथमिकता सूची में रखा जाएगा।

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इसके अलावा ऐसे परिवार भी पात्र होंगे, जिनमें केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग सदस्य हैं और 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई सक्षम वयस्क मौजूद नहीं है। सरकार ने महिला प्रधान परिवारों को भी विशेष राहत देने का फैसला किया है। जिन परिवारों की मुखिया विधवा, तलाकशुदा या अविवाहित महिला है और परिवार में 27 से 59 वर्ष आयु वर्ग का कोई पुरुष सदस्य नहीं है, उन्हें भी बीपीएल चयन में प्राथमिकता मिलेगी।

वार्षिक आय सीमा में किया गया बड़ा बदलाव

 

इस बार सरकार ने आय सीमा में भी राहत दी है। पहले केवल 50 हजार रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को पात्र माना जाता था, लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया है। यानी जिन परिवारों की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से कम है और जिन्होंने कम से कम एक दिन मनरेगा के तहत मजदूरी की है, वे भी बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

केवल आवेदन करने से नहीं मिलेगा BPL का दर्जा

ग्रामीण विकास विभाग ने आठवें चरण की पूरी समय-सारिणी भी तय कर दी है। इच्छुक परिवार 5 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद ग्राम पंचायत, विकास खंड और जिला स्तर पर आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा। सभी जांच और अनुशंसा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 जुलाई 2026 तक अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।

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विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल आवेदन जमा करने या प्रारंभिक जांच में पात्र पाए जाने मात्र से किसी परिवार का बीपीएल सूची में नाम शामिल नहीं होगा। अंतिम चयन सरकार द्वारा निर्धारित सीमा, दस्तावेजों के सत्यापन और सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही किया जाएगा।

सात चरणों में हो चुका है बड़ा चयन

प्रदेश सरकार पिछले एक वर्ष से चरणबद्ध तरीके से बीपीएल परिवारों का चयन कर रही है। अब तक सात चरण पूरे किए जा चुके हैं, जिनमें अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक श्रेणियों के आधार पर पात्र परिवारों को शामिल किया गया। इन सात चरणों के दौरान करीब 1.22 लाख नए परिवारों का चयन किया जा चुका है।

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वर्तमान समय में हिमाचल प्रदेश में लगभग 2.82 लाख परिवार बीपीएल श्रेणी में पंजीकृत हैं। वहीं करीब 1.60 लाख ऐसे परिवार अभी भी संभावित पात्रता की श्रेणी में हैं, जिन्हें आठवें चरण के माध्यम से अवसर मिल सकता है।

जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा लाभ

ग्रामीण विकास विभाग का कहना है कि इस चरण का उद्देश्य उन परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद अब तक बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो सके। सरकार का दावा है कि संशोधित मानदंडों से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी और उन्हें सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।

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