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August 9, 2026
हिमाचल की ये पंचायत बनी मिसाल- शादी में शराब न परोसने पर मिलेगा 11 हजार शगुन
BDC का मानदेय भी गरीबों की सेवा में
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मंडी। हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। मगर अब समाज के स्तर पर भी ऐसी पहल सामने आने लगी हैं- जो लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
मंडी जिला के जोगिंदर नगर उपमंडल में BDC सदस्य दलीप सिंह ने शराब मुक्त शादियों को बढ़ावा देने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। उन्होंने ऐलान किया है कि जो परिवार शादी समारोह में शराब नहीं परोसेगा- उसे अपनी ओर से 11 हजार रुपये का शगुन दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस पहल के लिए वह अपनी पेंशन की राशि का इस्तेमाल करेंगे।
दलीप सिंह टिकरू वार्ड से BDC सदस्य हैं और भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। हाल ही में मेण भरोला पंचायत में आयोजित ग्राम सभा की बैठक के दौरान उन्होंने शराब मुक्त शादियों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि आज शादी समारोहों में शराब परोसना जैसे एक परंपरा बनता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ता है, क्योंकि शादी के खर्च के साथ शराब का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी परिवारों पर आ जाता है।
दलीप सिंह का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद करना नहीं, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश देना है। वह चाहते हैं कि शादी जैसे शुभ अवसर नशे के बजाय खुशियों और पारिवारिक मिलन का माध्यम बनें। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी पेंशन की कुछ राशि शराब मुक्त शादियों के लिए देने का फैसला लिया है।
इस पहल की शुरुआत आगामी 12 अगस्त को होने वाली एक बेटी की शादी से की जाएगी। फिलहाल गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की बेटियों की शादी में यह 11 हजार रुपये की शगुन राशि देने की योजना है। दलीप सिंह की कोशिश है कि धीरे-धीरे अधिक से अधिक परिवार शराब मुक्त शादी के लिए आगे आएं और समाज में इसका सकारात्मक असर देखने को मिले।
दलीप सिंह सामाजिक सेवा के कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों से जुड़े रहे दलीप सिंह वर्तमान में सेवा भारती के सक्रिय सदस्य के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। BDC सदस्य बनने के बाद उन्हें मिलने वाले पांच साल के मानदेय को भी उन्होंने गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा में लगाने का संकल्प लिया है।
दलीप सिंह की इस पहल का पंचायत प्रतिनिधियों ने भी स्वागत किया है। ग्राम पंचायत मेण भरोला के प्रधान संजय जम्वाल और टिकरू पंचायत के प्रधान अनिल कुमार ने इसे समाज को नशे से दूर करने की दिशा में अनुकरणीय कदम बताया। उनका कहना है कि अगर शादी समारोहों से शराब को दूर करने की ऐसी पहलें अन्य क्षेत्रों में भी शुरू हों, तो इससे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूती मिल सकती है।
दलीप सिंह की यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने नशे के खिलाफ सिर्फ अपील करने के बजाय अपनी पेंशन की राशि से इसकी शुरुआत करने का फैसला लिया है। अब देखना यह होगा कि 12 अगस्त को होने वाली शादी से शुरू होने वाली यह पहल आने वाले समय में कितने परिवारों को शराब मुक्त विवाह के लिए प्रेरित करती है।