शिमला। हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार अपनी दो प्रमुख चुनावी गारंटियों को जमीन पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। सरकार ने करीब दो लाख आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और पात्र गरीब महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता देने वाली महत्वाकांक्षी योजना को लागू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है।
सरकार ने योजना को लागू करने की तिथि भी तय कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को कांगड़ा के डाडासीबा में कहा कि 2 अक्तूबर को सोलन जिले से ‘मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना’ शुरू की जाएगी। इसके साथ ही कांग्रेस की वर्ष 2022 की दो प्रमुख चुनावी घोषणाओं को एक ही योजना के जरिए लागू करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।
अब दो गारंटियों का एक साथ मिलेगा लाभ
कांग्रेस ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने और उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाने का वादा किया था। सरकार अब इन दोनों घोषणाओं को एकीकृत कर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने की तैयारी में है। योजना के तहत पात्र परिवारों को बिजली बिल में राहत देने के साथ परिवार की पात्र महिला के बैंक खाते में हर महीने 1500 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।
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करीब दो लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से योजना के लिए पात्र परिवारों की पहचान का सर्वेक्षण लगभग पूरा कर लिया गया है। सरकार के अनुसार करीब दो लाख परिवारों को योजना का लाभ देने की तैयारी है। इनमें ऐसे परिवारों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर हैं तथा अभी तक सरकार की किसी प्रमुख कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं। सरकार के मुताबिक सर्वे के दौरान करीब 90 हजार ऐसे परिवारों की पहचान हुई है, जिन्हें अब तक किसी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिला है।
2 अक्तूबर को शुरू होगी योजना
मुख्यमंत्री सुक्खू ने डाडासीबा में योजना को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार 2 अक्तूबर को सोलन से मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना की शुरुआत करेगी। योजना के संभावित शुभारंभ को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी के शामिल होने की चर्चा भी है। हालांकि, उनके हाथों योजना के औपचारिक शुभारंभ की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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75 हजार से अधिक आय तो नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए आर्थिक सीमा भी निर्धारित की है। 75 हजार रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार अंतिम पात्र सूची में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा परिवार के पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि होने, परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता होने या सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी नौकरी में होने पर भी परिवार को अंतिम सूची से बाहर किया जा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का वास्तविक लाभ समाज के सबसे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
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इन परिवारों को प्राथमिकता
योजना की पात्रता तय करने के दौरान कई सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया है। इनमें—
- 27 वर्ष से कम उम्र के अनाथ बच्चों वाले परिवार।
- ऐसे परिवार जिनमें केवल 59 वर्ष से अधिक उम्र के सदस्य हों और 27 से 59 वर्ष का कोई वयस्क सदस्य न हो।
- महिला मुखिया वाले परिवार, जिनमें 27 से 59 वर्ष की उम्र का कोई वयस्क सदस्य नहीं है।
- विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं वाले परिवार।
- 40 फीसदी या उससे अधिक दिव्यांगता वाले परिवार के मुखिया के परिवार।
- ऐसे परिवार जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा में कम से कम एक दिन काम किया हो।
- गंभीर बीमारी के कारण स्थायी रूप से अक्षम कमाने वाले सदस्य वाले परिवार।
- दुर्घटना के कारण रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से स्थायी रूप से बिस्तर पर पड़े कमाने वाले सदस्य वाले परिवार।
- इन श्रेणियों को प्रारंभिक पात्रता पूल में शामिल किया जा सकता है।
पहले पात्रता, फिर होगी अंतिम जांच
सरकार सीधे किसी भी परिवार को योजना का लाभ नहीं देगी। प्रारंभिक पात्रता के बाद परिवार की अंतिम जांच की जाएगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी परिवार के सभी वयस्क सदस्यों ने मनरेगा में कम से कम एक दिन काम किया है तो वह प्रारंभिक पात्रता में आ सकता है। लेकिन अंतिम जांच में यदि परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक पाई जाती है तो उसे योजना से बाहर कर दिया जाएगा।
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वहीं यदि परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये या इससे कम है, जमीन एक हेक्टेयर या उससे कम है और परिवार में कोई आयकरदाता या नौकरी करने वाला सदस्य नहीं है, तो उसे अंतिम रूप से पात्र माना जा सकता है।
महिलाओं को सीधे खाते में आएंगे 1500 रुपये
योजना का सबसे बड़ा आकर्षण महिलाओं के लिए प्रस्तावित 1500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता है। पात्र परिवार की महिला के बैंक खाते में यह राशि सीधे हस्तांतरित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह सरकार का फोकस परिवार के घरेलू खर्च को कम करने और महिला को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने पर है।
