#हादसा
August 29, 2026
हिमाचल: दो परिवारों पर टूटा कहर, सोने-चांदी के गहनों सहित नगदी भी हो गई राख; पहने कपड़े ही बचे
कीमती आभूषणों सहित करीब एक लाख की नगदी भी जल गई
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कांगड़ा/मंडी। हिमाचल प्रदेश में बीती रात दो परिवारों के लिए ऐसी काली रात बनकर आई, जिसे वे शायद ही कभी भूल पाएंगे। एक ओर कांगड़ा के तिनबड़ क्षेत्र में आग ने देखते ही देखते घर का पूरा सामान अपनी चपेट में ले लिया तो दूसरी ओर मंडी के सराज क्षेत्र में भीषण अग्निकांड ने 12 कमरों के मकान को राख के ढेर में बदल दिया। दोनों हादसों में परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
आग की लपटों ने सिर्फ मकान की दीवारें और छत ही नहीं छीनीं, बल्कि घर में रखा वर्षों की मेहनत से जुटाया सामान, कीमती आभूषण, नकदी और रोजगार से जुड़ी सामग्री तक जलाकर राख कर दी। हालात ऐसे बने कि प्रभावित परिवारों के पास बचा तो सिर्फ वही सामान, जो हादसे के वक्त उनके शरीर पर था।
कांगड़ा जिले के तिनबड़ क्षेत्र की मकोल भम्बेड़ पंचायत में एक मकान की ऊपरी मंजिल में अचानक आग भड़क उठी। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। देखते ही देखते आग ने ऊपरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया और घर में रखा सामान जलकर राख हो गया। चंद्र शेखर और कुशमलता के मकान में लगी आग से करीब नौ तोले सोने-चांदी के आभूषण आग की चपेट में आने से नष्ट हो गए।
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इसके अलावा करीब एक लाख रुपये की नकदी भी जल गई। आग ने घर में रखे एलईडी टीवी, कपड़े, बेड बॉक्स, मेज-कुर्सियां, अलमारी और अन्य घरेलू सामान को भी अपनी चपेट में ले लिया। अचानक लगी आग ने परिवार की वर्षों की जमा पूंजी को कुछ ही समय में राख में बदल दिया।
जिस समय मकान में आग लगी, उस दौरान परिवार के लोग घर पर मौजूद नहीं थे। इस कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि घर के भीतर रखा कीमती सामान बचाया नहीं जा सका। आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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दूसरा बड़ा अग्निकांड मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र की उपतहसील थाची के ढमसेहड़ गांव में हुआ। यहां शुक्रवार देर रात करीब 11:45 बजे नैणु राम पुत्र तादू राम के 12 कमरों वाले मकान में अचानक आग लग गई। मकान से आग की लपटें उठती देख नैणु राम ने तुरंत शोर मचाया और अपनी पत्नी को जगाया। दोनों समय रहते घर से बाहर निकल आए। परिवार के कुछ अन्य सदस्य उस समय रिश्तेदारी में गए हुए थे। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया और किसी की जान नहीं गई। लेकिन कुछ ही देर में लकड़ी से बने मकान में आग इतनी तेजी से फैल गई कि परिवार को सामान बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला।
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इस अग्निकांड ने परिवार की सिर्फ छत ही नहीं छीनी, बल्कि उनकी रोजी-रोटी पर भी बड़ा प्रहार किया है। नैणु राम मकान में फर्नीचर का कारोबार करते थे। पहली मंजिल में कारोबार से जुड़ा फर्नीचर और अन्य सामान रखा हुआ था। बताया गया है कि करीब 30 लाख रुपये मूल्य का फर्नीचर और कारोबार से जुड़ा स्टॉक भी आग की भेंट चढ़ गया। घर, घरेलू सामान और कारोबार का सामान एक साथ जलने से परिवार को कुल मिलाकर करीब 80 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है।
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मकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लकड़ी के बने मकान में आग इतनी तेजी से फैली कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। देखते ही देखते 12 कमरों का मकान आग की चपेट में आ गया। परिवार की आंखों के सामने उनका आशियाना और वर्षों की मेहनत से जुटाया सामान राख में तब्दील हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पंचायत प्रधान चंद्रावती ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार हरि सिंह मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को 25 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है। नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है।
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अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक जयराम ठाकुर ने प्रभावित परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक होने के नाते परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से भी प्रभावित परिवार को नियमानुसार राहत उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।