शिमला। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। तेल कंपनियों ने एक बार फिर दोनों ईंधनों के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब कीमतों में इजाफा किया गया है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में भी पेट्रोल-डीजल के दाम नए स्तर पर पहुंच गए हैं।
हिमाचल में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
राजधानी शिमला में पेट्रोल अब 99.21 रुपए प्रति लीटर और डीजल 91.17 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं हमीरपुर के सुजानपुर में पेट्रोल 98.27 रुपए और डीजल 88.66 रुपए पहुंच गया है। लुहरी में पेट्रोल 99.14 रुपए और डीजल 91.09 रुपए प्रति लीटर हो गया है। मंडी में पेट्रोल 98.73 रुपए और डीजल 90.51 रुपए, जबकि ऊना में पेट्रोल 96.93 रुपए और डीजल 88.91 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
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महंगाई की आग और भड़केगी
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका सीधा असर बस किराए, मालभाड़े और रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं पर पड़ना तय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने से बाजार में हर जरूरी चीज महंगी हो सकती है। यही वजह है कि लोगों की चिंता अब और बढ़ गई है।
सेब बागवानों की बढ़ी चिंता
हिमाचल में अगले महीने से सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे समय में डीजल की कीमत बढ़ने से सेब की ढुलाई महंगी पड़ सकती है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने का सीधा असर बागवानों की आमदनी पर पड़ेगा। पहाड़ी इलाकों में पहले ही परिवहन महंगा माना जाता है, ऐसे में नई बढ़ोतरी ने बागवानों की परेशानी बढ़ा दी है।
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अब सेस की तैयारी ने बढ़ाई टेंशन
इस बीच आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी में है। सरकार विधानसभा के बजट सत्र में इस संबंध में संशोधन विधेयक पहले ही पास कर चुकी है। इसके तहत पेट्रोल और डीजल पर अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक अनाथ एवं विधवा सेस लगाया जा सकता है।
जनता पर पड़ सकती है दोहरी मार
सरकार का कहना है कि इस सेस से मिलने वाली राशि अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण पर खर्च की जाएगी। लेकिन यदि यह सेस लागू होता है, तो पहले से महंगाई झेल रही जनता पर दोहरी मार पड़ना तय माना जा रहा है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बढ़ती कीमतों के बीच आम आदमी राहत कहां से पाए।
