#विविध
May 18, 2026
हिमाचल : चुनावी जीत के जश्न में मची भगदड़, बेकाबू सांड ने भीड़ पर किया हम.ला- 7 घायल
पुलिस थाने के पास सांड ने मचाया उत्पात
शेयर करें:

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिलेमें नगर निकाय चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद रविवार देर शाम जीत का माहौल अचानक चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया। जोगेंद्रनगर में जीत का जश्न मना रहे लोगों की भीड़ पर एक हिंसक सांड ने अचानक हमला कर दिया- जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
आपको बता दें कि ये घटना पुलिस थाने के पास स्थित राजकीय बाल पाठशाला के मुख्य गेट के पास हुई। यहां पर मतगणना पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में प्रत्याशी, समर्थक और आम लोग जमा थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चुनाव नतीजे आने के बाद समर्थक ढोल-नगाड़ों, नारेबाजी और जश्न में व्यस्त थे। इसी दौरान अचानक एक उग्र सांड भीड़ के बीच घुस आया। शुरुआत में लोगों को कुछ समझ नहीं आया। मगर कुछ ही क्षणों में सांड हमला करते हुए तेजी से मतगणना स्थल की तरफ भागने लगा।
भीड़ के बीच सांड को बेकाबू हालत में दौड़ता देख वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा। घटना के दौरान पुलिसकर्मियों और चुनावी ड्यूटी से लौट रहे कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया।
कई पुलिस जवान और कर्मचारी तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। मौके पर कवरेज के लिए तैनात मीडियाकर्मियों को भी कैमरे और उपकरण छोड़कर अपनी सुरक्षा के लिए दौड़ लगानी पड़ी। कुछ लोग आसपास की दुकानों और भवनों में घुस गए, जबकि कई लोग दीवारों और वाहनों के पीछे छिपकर खुद को बचाते नजर आए।
सांड के इस हमले में स्थानीय निवासी राज सहित कुल सात लोग घायल हुए हैं। घायलों को हल्की चोटें आई हैं और उन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। मगर अचानक हुए हमले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।
घटना के बाद कुछ देर तक जोगेंद्रनगर बाजार क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शहर में लगातार बढ़ रही लावारिस पशुओं की समस्या को गंभीरता से लेने की मांग उठाई है।

लोगों का कहना है कि बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूम रहे सांड और पशु लगातार लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। मगर प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर प्रशासन और संबंधित विभाग शहर में विशेष अभियान चलाकर लावारिस पशुओं को पकड़ें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजें- ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।