शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की पहाड़ियों के भीतर चल रहा विकास कार्य अब लोगों के घरों तक डर बनकर पहुंच गया है। संजौली से सटे चलौंठी इलाके में निर्माणाधीन टनल के दौरान हुई ब्लास्टिंग के बाद कई रिहायशी मकानों में दरारें आ गईं, जिससे परिवारों की नींद उड़ गई है। जिन घरों में कभी सुरक्षित भविष्य के सपने पलते थे, वहां अब हर झटके के साथ दीवारें बोलने लगी हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से लेकर एनएचएआई तक हर एजेंसी हरकत में आई है।

घरों में पड़ी दरारों से फैला डर

चलौंठी में शिमला बाईपास के पास चल रहे फोरलेन प्रोजेक्ट के अंतर्गत टनल निर्माण किया जा रहा है। शनिवार 9 जनवरी की रात एक बिल्डिंग में दरारें नजर आने के बाद मामला सामने आया। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग से मकानों की नींव कमजोर हो रही है और किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।

 

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मौके पर पहुंचे मंत्री अनिरुद्ध सिंह और डीसी

स्थानीय लोगों के रोष और भय को देखते हुए पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह खुद मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप भी चलौंठी पहुंचे और अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। डीसी ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी सुरक्षा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

चलौंठी में शुरू हुआ दरार भरने का काम

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने रात के समय ही चलौंठी में दरार भरने का कार्य शुरू कर दिया। वहीं एनएचएआई की टीम ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त बिल्डिंग सर्वे किया। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, टनल के ऊपर स्थित एक इमारत में हल्की से मध्यम श्रेणी की दरारें पाई गई हैं। इसके साथ लगती दो इमारतों का अधिग्रहण पहले से प्रक्रिया में है। एक इमारत के लिए मुआवजा राशि घोषित हो चुकी है, जबकि दूसरी के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

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आबादी वाले इलाकों में ब्लास्टिंग पर रोक

एनएचएआई के अनुसार, प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए पहले ही बिल्डिंगों पर बाय रिफ्लेक्स टारगेट लगाए गए थे, ताकि संरचनात्मक गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। अब अतिरिक्त टारगेट लगाने और उनकी रीडिंग लगातार लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय निवासियों की चिंता को ध्यान में रखते हुए कंसेशनेयर को ज्यादा आबादी वाले इलाकों में किसी भी तरह की ब्लास्टिंग न करने के आदेश दिए गए हैं।

 

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प्रभावित परिवारों को किराए के मकानों में शिफ्ट

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इलाके में आगे की कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए कुछ भवनों को पहले ही खाली करवा लिया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए किराए पर रहने की व्यवस्था कर दी गई है। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी और उनकी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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