शिमला। शादियों में संगीत और उत्सव का रंग हमेशा खास होता है। मगर जब उसमें अनुशासन, परंपरा और पेशेवर प्रस्तुति का संगम जुड़ जाए- तो माहौल बिल्कुल अलग ही बन जाता है। बदलते समय के साथ अब शादियों में भी नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं- जहां पारंपरिक धूमधाम के साथ कुछ अलग और खास करने की चाह साफ नजर आती है।
शादियों में पुलिस बैंड
इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में एक दिलचस्प पहल सामने आई है। यहां अब पुलिस का ब्रास बैंड भी शादियों की शान बढ़ाता नजर आएगा। इससे शादियों में एक अलग ही आकर्षण जुड़ रहा है।
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आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रतिष्ठित ब्रास बैंड ‘जुन्गा’ और ‘सकोह’ अब सिर्फ सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेंगे। ये बैंड अब आम लोगों के विवाह समारोहों में भी अपनी प्रस्तुति देंगे।
वर्दी में आएंगे पुलिस वाले
इन बैंड्स की सबसे खास बात यह है कि यहां संगीत के साथ अनुशासन भी देखने को मिलता है। पुलिस जवान पूरी वर्दी में, सटीक तालमेल और प्रोफेशनल अंदाज में जब ट्रम्पेट, ड्रम और ट्रॉम्बोन जैसे वाद्ययंत्र बजाते हैं, तो बारात का माहौल और भी खास बन जाता है।
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फिल्मी गाने, हिमाचली लोक धुन...
फिल्मी गानों से लेकर हिमाचली लोक धुनों तक, ये बैंड हर तरह के संगीत से लोगों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं। ब्रास बैंड के इंचार्ज विलेंद्र सिंह के अनुसार, हिमाचल पुलिस के ये बैंड वर्ष 1952 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
बना रहे अलग पहचान
लंबे समय तक ये केवल VIP कार्यक्रमों, परेड और सरकारी आयोजनों में ही प्रदर्शन करते थे। मगर अब समय के साथ इनका स्वरूप बदला है और ये ‘प्रीमियम वेडिंग बैंड’ के तौर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
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यादगार बना देतें हैं शादी
इनकी प्रस्तुति में जहां एक ओर खाकी वर्दी का गौरव झलकता है। वहीं दूसरी ओर उच्च स्तर का संगीत कौशल भी देखने को मिलता है। यही कारण है कि अब लोग अपनी शादियों में कुछ अलग और यादगार करने के लिए इन बैंड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कितनी लेते हैं फीस?
इन बैंड्स को बुक करना भी काफी आसान और पारदर्शी रखा गया है। इच्छुक लोग ‘जुन्गा’ और ‘सकोह’ बैंड यूनिट्स से सीधे संपर्क कर सकते हैं। एक दिन के कार्यक्रम के लिए ₹25,000 का शुल्क निर्धारित किया गया है।
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सरकारी खाते में जाता है पैसा
खास बात यह है कि इस सेवा से मिलने वाली पूरी राशि सरकारी खाते में जमा होती है। जिससे पारदर्शिता भी बनी रहती है और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग भी सुनिश्चित होता है।
शादियों का बदलता ट्रेंड
हिमाचल में यह पहल न केवल शादियों के माहौल को नया रूप दे रही है। ये एक सकारात्मक संदेश भी दे रही है कि सरकारी संस्थाएं अब आम लोगों के जीवन के खास पलों का हिस्सा भी बन सकती हैं। जहां एक ओर यह लोगों के लिए एक अनूठा अनुभव है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस के लिए भी यह अपनी सांस्कृतिक और संगीत परंपरा को जनता के बीच लाने का एक शानदार माध्यम बन गया है।
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आने वाले समय में यह ट्रेंड और तेजी से बढ़ सकता है, क्योंकि लोग अब पारंपरिक शादी समारोहों में कुछ अलग और खास जोड़ने के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं और हिमाचल पुलिस का यह ब्रास बैंड उसी दिशा में एक अनोखी पहल बनकर उभर रहा है।
