#विविध
April 29, 2026
हिमाचल के सरकारी डॉक्टर ने विदेश बैठे कपल का बदला जीवन : बच्चा न होने से थे परेशान, अब गूंजी किलकारी
विदेश जाने के बाद भी डॉक्टर से नहीं तोड़ा संपर्क
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सोलन। सिर्फ बड़े और महंगे अस्पताल ही बेहतर इलाज की गारंटी नहीं होते, कई बार छोटे शहरों के सरकारी अस्पताल भी अपनी काबिलियत से बड़ी मिसाल बन जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन का क्षेत्रीय अस्पताल इन दिनों कुछ ऐसी ही वजह से चर्चा में है, जहां एक डॉक्टर की मेहनत और लगन ने दूर बैठे एक दंपति की जिंदगी में खुशियां ला दीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक दंपति पिछले करीब डेढ़ साल से बच्चे के लिए परेशान था। वे कई बड़े अस्पतालों के चक्कर काट चुके थे, लेकिन उन्हें कोई खास फायदा नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल पर भरोसा जताया और यहां आकर इलाज शुरू करवाया।
डॉ. पीयूष वोहरा की देखरेख में उनका ट्रीटमेंट शुरू हुआ। डॉक्टर ने उन्हें करीब 5 महीने का इलाज बताया था, लेकिन उम्मीद से कहीं पहले, सिर्फ 3 महीने के अंदर ही उन्हें खुशखबरी मिल गई। इस पूरे मामले की सबसे खास बात ये रही कि ये दंपति साउथ अफ्रीका में रहता है।

इलाज शुरू करवाने के बाद वे वापस विदेश चले गए, लेकिन उन्होंने डॉक्टर से संपर्क नहीं छोड़ा। वे लगातार अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स ऑनलाइन शेयर करते रहे और डॉ. पीयूष भी हर रिपोर्ट को ध्यान से देखते हुए उन्हें सही सलाह देते रहे। इसी लगातार निगरानी और सही इलाज का नतीजा रहा कि दंपति को सफलता मिली और उनके घर खुशियां आईं।
डॉ. पीयूष वोहरा का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वे कई जटिल केस सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। उन्होंने एक ऐसी महिला का भी इलाज किया था, जो करीब 9 साल से मां बनने के लिए संघर्ष कर रही थी। जांच में पता चला कि उसकी फेलोपियन ट्यूब बंद थी, जिसकी वजह से वह कंसीव नहीं कर पा रही थी। डॉ. पीयूष ने सफल ऑपरेशन कर ट्यूब को खोला, जिसके बाद महिला की जिंदगी में भी खुशियां लौट आईं।
इस केस में महिला आशा ने बताया कि उन्हें काफी समय से प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ रही थी। उन्होंने सोलन अस्पताल में डॉ. पीयूष से जांच करवाई। इलाज शुरू होने के बाद वे साउथ अफ्रीका चली गईं, लेकिन डॉक्टर के साथ संपर्क बनाए रखा। डॉक्टर ने उन्हें 5 महीने की दवा दी थी और समय-समय पर उनकी रिपोर्ट्स देखकर गाइड करते रहे।
आशा ने बताया कि डॉक्टर की सलाह का सही तरीके से पालन करने का ही नतीजा है कि आज वे मां बन चुकी हैं और उन्होंने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया है। वहीं, डॉ. पीयूष वोहरा का कहना है कि आजकल इनफर्टिलिटी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और उनके पास भी ऐसे कई मरीज आ रहे हैं।