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March 20, 2026
नवरात्रों में शिकारी माता का दरबार सूना, नहीं पहुंचा एक भी श्रद्धालु- जानें क्यों?
हर साल नवरात्रों में उमड़ती थी भीड़- अब पसरा सन्नाटा
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में बदले मौसम के मिजाज का असर अब धार्मिक आस्था के केंद्रों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मंडी जिले के सराज क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों में स्थित प्रसिद्ध माता शिकारी मंदिर इस बार चैत्र नवरात्र के अवसर पर भी सूना पड़ा है।
जहां हर साल इस पर्व के दौरान हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते थे, वहीं इस बार बर्फबारी और खराब मौसम ने पूरी तस्वीर ही बदल दी है। चैत्र नवरात्र के पहले दिन ही मंदिर परिसर में सामान्य दिनों जैसा सन्नाटा देखने को मिला।
आमतौर पर इस दौरान मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगती हैं, भक्त घंटों इंतजार कर माता के दर्शन करते हैं, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट रही। कुछ स्थानीय लोग ही मंदिर तक पहुंच पाए, जबकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु मौसम की मार के चलते रास्ते में ही रुक गए या यात्रा टालने को मजबूर हो गए।
दरअसल, बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी ने सराज क्षेत्र की संपर्क सड़कों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में मंदिर तक जाने वाली सड़क को बहाल किया था, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिली थी। मगर सोमवार रात हुई ताजा बर्फबारी ने फिर से हालात बिगाड़ दिए।
मंदिर मार्ग पर करीब 8 से 10 इंच तक बर्फ जमने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। फिसलन और रास्ते के अवरुद्ध होने के कारण पैदल यात्रा करना भी जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले ऐसा नजारा कभी नहीं देखा।
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नवरात्र जैसे बड़े धार्मिक पर्व पर मंदिर में सन्नाटा होना असामान्य है। पहले यहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती करनी पड़ती थी। मगर इस बार हालात इतने विपरीत हैं कि मंदिर परिसर लगभग खाली नजर आ रहा है। यह स्थिति साफ तौर पर बताती है कि मौसम किस तरह लोगों की आस्था और दिनचर्या दोनों को प्रभावित कर रहा है।
प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। थुनाग के उपमंडल अधिकारी (नागरिक) और मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल माता शिकारी मंदिर की यात्रा करने से बचें। उनका कहना है कि खराब मौसम और बंद रास्तों के बीच यात्रा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष संजीत शर्मा ने बताया कि जैसे ही मौसम साफ होगा, सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही फिर से शुरू हो सके। प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि मौसम सामान्य होते ही बर्फ हटाने और मार्ग खोलने का कार्य तेजी से किया जाए।
फिलहाल, श्रद्धालु घरों में ही रहकर माता का स्मरण कर रहे हैं और मौसम के सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में जैसे ही मौसम साफ होगा और रास्ते बहाल होंगे, वैसे ही माता शिकारी मंदिर में एक बार फिर श्रद्धालुओं की रौनक लौटेगी और नवरात्र का उत्साह फिर से देखने को मिलेगा।