#विविध

May 3, 2026

हिमाचल : ग्रामीणों ने पेश की मिसाल, चुनावों से पहले ही निर्विरोध चुन ली पूरी पंचायत; 2020 से कर रहे ऐसा

ग्रामीणों ने लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से लिया निर्णय

शेयर करें:

Himachal Panchayat Election

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला की एक ग्राम पंचायत ने एक बार फिर से अनोखी मिसाल पेश की है, जहां ग्रामीणों ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही आपसी सहमति से पूरी पंचायत का गठन कर लिया। साल 2020 से चली आ रही इस परंपरा के तहत बिना किसी वोटिंग या विवाद के प्रतिनिधियों का चयन किया जाता है, जिससे गांव में भाईचारा, पारदर्शिता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिल रहा है।

लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय

मिली जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र के तहत आती टिटियाना ग्राम पंचायत आज रविवार को गांव के पारंपरिक स्थल शाटी-पाशी का चौंतरा पर सभी ग्रामीण एकत्र हुए।

 

यह भी पढ़ें : जबलपुर में 13 मौ**तों के बाद जागी हिमाचल सरकार, जल गतिविधियों में कड़े किए नियम; लाइफ जैकेट अनिवार्य

 

माहौल किसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि सामूहिक निर्णय और विश्वास का था। लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पंचायत प्रतिनिधियों के नाम तय किए गए बिना किसी मतदान, प्रचार या विरोध के।

2020 से चली आ रही परंपरा

दरअसल, यह कोई पहली बार नहीं है जब गांव ने ऐसा किया हो। वर्ष 2020 में ही यहां एक विशेष व्यवस्था बनाई गई थी, जिसके तहत गांव के चार प्रमुख परिवारों से नाम प्रस्तावित किए जाते हैं। इसके बाद एक पारदर्शी और सरल प्रक्रिया पर्ची डालकर प्रतिनिधियों का चयन किया जाता है।

 

यह भी पढ़ें : सोया रहा विक्रमादित्य का विभाग, NH पर बारिश में ही बिछा दी कोलतार; लोगों ने मांगी जांच; देखें VIDEO

 

इस बार भी उसी परंपरा को निभाते हुए प्रधान पद के लिए पूनम शर्मा, उप-प्रधान के लिए दाता राम शर्मा और बीडीसी सदस्य के रूप में प्रियंका शर्मा को सर्वसम्मति से चुना गया। इसके साथ ही सभी वार्ड सदस्यों का चयन भी बिना किसी विवाद के पूरा कर लिया गया।

चुनाव नहीं, विश्वास की प्रक्रिया

यह मॉडल सिर्फ एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य था- आपसी भाईचारे को मजबूत रखना, चुनावों में होने वाले खर्च और तनाव से बचना तथा गांव को विवादों से दूर रखना और यही कारण है कि इस गांव में चुनाव अब प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सहमति का उत्सव बन गए हैं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : चलती बस में ड्राइवर को पड़ा दिल का दौरा- बीच सड़क पलटी; चीखों से दहला इलाका

पहल को ग्रामीणों ने खुले दिल से स्वीकारा

बहरहाल, इस पहल को ग्रामीणों ने खुले दिल से स्वीकार किया है और इसे आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया है। ग्राम पंचायत टिटियाना आज एक ऐसा उदाहरण बन चुकी है, जहां लोकतंत्र की आत्मा सहमति और सहभागिता साफ तौर पर दिखाई देती है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख