कांगड़ा। देश सेवा करते-करते हिमाचल के कई जवान अपने प्राण न्यौछावर कर देते हैं और मातृभूमि की रक्षा करते हुए अमर हो जाते हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के बैजनाथ क्षेत्र का एक और वीर जवान देश के लिए बलिदान हो गया।
हिमाचल का बेटा जम्मू में शहीद
बैजनाथ के उस्तेहड़ गांव निवासी 26 वर्षीय सैनिक अक्षित की जम्मू-कश्मीर में प्रशिक्षण के दौरान दुखद मृत्यु हो गई। इस खबर के सामने आते ही उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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सात साल से कर रहे थे देश सेवा
जानकारी के अनुसार, अक्षित भारतीय सेना की पंजाब रेजिमेंट में सेवारत थे और पिछले करीब सात वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे। इन दिनों उनकी यूनिट जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी क्षेत्र में तैनात थी।
ट्रैनिंग के दौरान हुआ हादसा
सोमवार को यूनिट के जवानों को मिनावर तवी नदी में रिवर क्रॉसिंग का अभ्यास कराया जा रहा था। इस दौरान अचानक एक हादसा हो गया और जवान अक्षित नदी के गहरे पानी में चले गए, जिसके बाद वे लापता हो गए।
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तेज बहाव में फंसा अक्षित
बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जवानों को नदी पार करने की तकनीक और सुरक्षा उपायों का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अभ्यास के दौरान सभी जवान निर्धारित प्रक्रिया के तहत नदी पार कर रहे थे, लेकिन इसी बीच अक्षित का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव में फंसकर गहरे पानी में चले गए।
साथियों ने की बचाने की कोशिश
साथी जवानों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही क्षणों में वह पानी में लापता हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया।
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कई घंटे चला सर्च ऑपरेशन
इसके बाद सेना की टीमों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जवान की तलाश के लिए देर शाम तक नदी और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाया गया, लेकिन रात तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया।
तवी नदी में मिला शव
मंगलवार सुबह सेना के गोताखोरों की मदद से एक बार फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी प्रयासों के बाद मिनावर तवी नदी से जवान अक्षित का शव बरामद किया गया। जवान की मृत्यु की खबर मिलते ही सेना के अधिकारियों और साथियों में भी गहरा दुख देखा गया।
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बैजनाथ शिव मंदिर के पुजारी थे पिता
जवान अक्षित कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र के उस्तेहड़ गांव के रहने वाले थे। उनके पिता पहले बैजनाथ के प्रसिद्ध शिव मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा दे चुके हैं। बेटे के इस तरह असमय चले जाने की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
कल हुआ हादसा, आज मिला शव
बैजनाथ-पपरोला नगर परिषद के वार्ड नंबर छह की पूर्व पार्षद कांता देवी ने बताया कि सोमवार शाम को ही हादसे की सूचना मिल गई थी। इसके बाद सभी लोग जवान की सलामती की दुआ कर रहे थे, लेकिन मंगलवार को नदी से उनका शव मिलने की खबर ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया।
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कल घर पहुंचेंगी पार्थिव देह
फिलहाल जवान की पार्थिव देह जम्मू में ही है और वहां से उसे उनके पैतृक गांव लाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कल सुबह तक पार्थिव देह घर पहुंच जाएगी। अक्षित के पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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पूरे क्षेत्र में शोक
जवान अक्षित के बलिदान की खबर फैलते ही बैजनाथ और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अक्षित ने कम उम्र में ही देश सेवा का रास्ता चुना और पूरे समर्पण के साथ सेना में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
आखिर दर्शन का इंतजार
क्षेत्र के लोगों ने कहा कि अक्षित की कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाएगा। गांव के लोग अब उस पल का इंतजार कर रहे हैं जब उनका वीर बेटा तिरंगे में लिपटकर अपने घर पहुंचेगा और उसके आखिरी दर्शन कर उसे पूरे सम्मान के साथ उसे अंतिम विदाई दी जाएगी।
