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March 10, 2026
हिमाचल को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर...केंद्र से फरमान जारी- जानिए क्या है वजह
हिमाचल के उद्योगों पर मंडयारा संकट
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सोलन। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) समेत पूरे प्रदेश में व्यावसायिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति अनिश्चितकाल के लिए रोक दिए जाने से उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में चिंता का माहौल बन गया है।
केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद LPG कंपनियों ने फिलहाल व्यावसायिक सिलेंडरों की रिफिलिंग बंद कर दी है। इस निर्णय का सबसे अधिक असर उद्योगों, होटलों, ढाबों और फूड आउटलेट्स पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रालय ने गैस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि फिलहाल 19 किलोग्राम, 47.5 किलोग्राम और 425 किलोग्राम क्षमता वाले व्यावसायिक LPG सिलेंडरों की रिफिलिंग रोक दी जाए।
सरकार का कहना है कि घरेलू LPG उपभोक्ताओं को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि आम लोगों को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भी गैस आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। विशेषकर ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के चलते ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों के चलते ऐसा फैसला लिया है।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां दवा उद्योग, पैकेजिंग इकाइयां, गत्ता निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और कई अन्य प्रकार के उद्योग बड़ी संख्या में संचालित होते हैं। इन उद्योगों में उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में व्यावसायिक LPG सिलेंडरों का उपयोग किया जाता है।
कामकाज पर पड़ेगा असर
अगर लंबे समय तक सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित रहती है तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है। उद्योग संचालकों का कहना है कि कई छोटे और मध्यम उद्योग गैस पर आधारित प्रक्रियाओं के माध्यम से काम करते हैं, ऐसे में सिलेंडरों की कमी से कामकाज प्रभावित हो सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे फूड आउटलेट्स में भी व्यावसायिक LPG सिलेंडरों का व्यापक उपयोग होता है। विशेषकर 19 किलो वाले सिलेंडर रसोई में नियमित रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं।
सप्लाई बंद होने से होटल और ढाबा संचालकों को भोजन तैयार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापारियों का कहना है कि अगर स्थिति जल्दी सामान्य नहीं हुई तो उन्हें वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ सकती हैं, जिससे खर्च भी बढ़ेगा और सेवाओं पर भी असर पड़ेगा।
सूत्रों के अनुसार इस स्थिति को लेकर परवाणू में गैस कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटरों के बीच बैठक भी हुई है। बैठक में मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए जल्द समाधान निकालने की मांग की गई। हालांकि, गैस कंपनियों की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि व्यावसायिक सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति कब से फिर शुरू होगी।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के फील्ड अफसर सौरभ बडगुर्जर ने बताया कि कंपनियों को केंद्र सरकार से व्यावसायिक सिलेंडरों की रिफिलिंग रोकने के निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के डिविजनल मैनेजर रमा कांत चौहान का कहना है कि कंपनियों को इस तरह के निर्देश मिलने की जानकारी सामने आई है, लेकिन विभाग को इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
इस बीच उद्योग जगत और व्यापारियों की नजर अब सरकार और गैस कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हुई है, क्योंकि आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहने पर इसका सीधा असर औद्योगिक गतिविधियों और कारोबार पर पड़ सकता है।