मंडी। देवभूमि हिमाचल की आस्था से जुड़े एक संवेदनशील विवाद आखिरकार सुलझ गया है। जिला मंडी में देव पराशर ऋषि के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला करीब डेढ़ महीने बाद शांत हो गया- जब संबंधित अधिवक्ता ने सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांग ली।
देव पराशर ऋषि टिप्पणी विवाद थमा
दरअसल, यह विवाद अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के समापन के कुछ दिनों बाद शुरू हुआ था। एक अधिवक्ता ने सोशल मीडिया पर देव पराशर ऋषि को लेकर अभद्र टिप्पणी कर दी थी, जिसमें आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।
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पुलिस तक पहुंचा मामला
जैसे ही यह मामला सामने आया, पूरे क्षेत्र में विरोध की लहर फैल गई और देव समाज ने इसे अपनी धार्मिक भावनाओं पर सीधा आघात बताया। मामले ने तूल पकड़ते हुए पुलिस तक पहुंच बनाई और अधिवक्ता के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
देव समाज में नाराजगी
इसके बाद देव पराशर ऋषि मंदिर कमेटी और विभिन्न देवता समितियों ने लगातार बैठकें कर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। पराशर गोत्र से जुड़े लोगों में भी इस टिप्पणी को लेकर भारी नाराजगी देखी गई- जो हिमाचल से बाहर तक फैल गई।
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अधिवक्ता ने दिया लिखित माफीनामा
शुक्रवार को मंडी में शिवाबधार और सनोर घाटी के देवी-देवताओं के कारदारों की एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में संबंधित अधिवक्ता भी पहुंचे और उन्होंने लिखित माफीनामे के जरिए अपने शब्दों पर खेद जताते हुए देव समाज से क्षमा मांगी।
पुलिस से वापस लिया मामला
देव पराशर ऋषि मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बलवीर ठाकुर ने बताया कि अधिवक्ता की माफी को सभी देवता समितियों ने स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद अब विवाद पूरी तरह खत्म माना जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक में लिए गए फैसले और माफीनामे की प्रति पुलिस को सौंप दी जाएगी और दर्ज मामला वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर यह संदेश गया है कि हिमाचल में धार्मिक आस्था और परंपराओं के सम्मान को सर्वोपरि माना जाता है, और किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी को समाज गंभीरता से लेता है।
