कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में रातभर हुई मूसलधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। सबसे ज्यादा नुकसान कुल्लू, मंडी और शिमला में देखने को मिला। कुल्लू की लग वैली में रात करीब 1 बजे बादल फटने से भारी जलप्रलय जैसी स्थिति बन गई।
कुल्लू में फिर फटा बादल
यहां तीन दुकानें पूरी तरह बह गईं और कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए रातभर जागकर समय गुजारना पड़ा। बादल फटने से निकला पानी जब कुल्लू बाजार पहुंचा तो सरवरी नदी उफान पर आ गई।
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सरवरी नदी में उफान
तेज बहाव ने भूतनाथ मंदिर के पास सड़क का बड़ा हिस्सा उखाड़ डाला। बस स्टैंड और बाजार को जोड़ने वाली सड़क पर गहरी दरारें आ गईं। कई जगह डंगे नदी में समा चुके हैं। हनुमान बाग को जोड़ने वाला पैदल पुल भी टूटने की कगार पर पहुंच गया है।
शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित
स्थिति को देखते हुए कुल्लू के उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने तुरंत आदेश जारी कर दिए। कुल्लू और बंजार सब डिवीजन के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र आज बंद रहेंगे। इसी तरह मंडी जिला की चौहार घाटी में भी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है और नालों का पानी रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया। पधर उपमंडल में प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी कर दी है।
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तीन सरकारी आवास जमींदोज
शिमला में भी बारिश ने प्रशासन को रातभर परेशान रखा। रामचंद्र चौक के पास हुए भूस्खलन में तीन सरकारी क्वार्टर चपेट में आ गए। इनमें रह रहे 20 से ज्यादा लोगों को प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। शहर के अन्य हिस्सों में भी भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की खबरें आ रही हैं।
पुल बहा, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
कुल्लू जिले के कणोंन क्षेत्र में भी बादल फटने से एक पुल बह गया है। अब लोगों को आवाजाही के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पूरी रात नदी-नालों के किनारे सतर्कता बरतते हुए बिताई।
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अगले चार दिन तक राहत नहीं
मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल प्रदेश में बारिश से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने आज के लिए ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में यलो अलर्ट जारी किया है।
कई जिलों में अलर्ट जारी
20 अगस्त यानी कल के लिए कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिले में भारी बारिश की चेतावनी। जबकि, 21 व 22 अगस्त: चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में फिर से यलो अलर्ट रहेगा। लोगों को प्रशासन की ओर से अलर्ट रहने और नदी-नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी गई है।
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मानसून से अब तक का नुकसान
इस बार मानसून ने हिमाचल को जमकर झकझोरा है। 20 जून से 18 अगस्त तक सामान्यत: 527.6 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार 618.6 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है यानी सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक।
करोड़ों की संपत्ति तबाह
अब तक 2194 करोड़ रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति बारिश से नष्ट हो चुकी है। कुल 268 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 35 की मौत बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन में हुई है, जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं। 604 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं और 1937 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। प्रदेश में अब तक 70 बार भूस्खलन, 74 बार फ्लैश फ्लड और 36 बार बादल फटने की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं।
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जिलेवार बारिश का आंकड़ा
इस मानूसन सीजन में प्रदेश के हर जिले में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। यहां देखिए जिलेवार बारिश का आंकड़ा-
- शिमला- 78% अधिक
- मंडी- 58% अधिक
- कुल्लू- 52% अधिक
- बिलासपुर- 38% अधिक
- हमीरपुर- 36% अधिक
- कांगड़ा- 7% अधिक
- किन्नौर- 10% अधिक
- सिरमौर- 27% अधिक
- सोलन- 33% अधिक
- ऊना- 7% अधिक
