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August 19, 2025
आपदा से घिरे हिमाचल को अब लगे भूकंप के झटके : तेजी से डोली धरती, घरों से बाहर भागे लोग
लोगों ने महसूस किए भूकंप के जोरदार झटके
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में एक तरफ जहां मानसून कहर बरपा रहा है। इसी बीच अब आपदा से घिरे हिमाचल को एक और झटका लगा है। दरअसल, कांगड़ा जिले में बीते कल रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
भूकंप के झटकों ने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। भूकंप के झटके कांगड़ा और धर्मशाला के आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए गए हैं। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए और अफरा-तफरी मच गई। लोग घबराकर सड़कों की ओर भागे।
आपको बता दें कि जिस वक्त भूकंप आया उस वक्त कुछ लोग रात का खाना खा रहा था तो कुछ सोने की तैयारियों में थे। भूकंप के झटके बीते कल रात करीब 9 बजकर 28 मिनट पर महसूस हुए हैं। कई लोगों ने जोरदार भूकंप के झटके अनुभव किए हैं।
भूकंप के झटके पूरे कांगड़ा जिले के साथ-साथ चंबा में भी अनुभव किया गया है। भूकंप का केंद्र धर्मशाला से 23 किमी उत्तर-पूर्व रहा। रिक्टर स्केल पर धर्मशाला में आए भूकंप की तीव्रता 5.4 रिक्टर स्केल मापी गई है। जबकि, कांगड़ा में इसकी तीव्रता 3.4 रही।
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नेशनल सेंटर फॉर सिस्मालॉजी के अनुसार, भूकंप की गहराई जमीन के अंदर लगभग 0.7KM रही। उथला भूकंप होने के कारण लोगों ने इसके तेज झटके महसूस किए। अभी तक इससे किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। मगर लोगों में डर का माहौल है।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने भूकंप के जोरदार झटकों को महसूस किया है। मगर कुछ लोगों को इसका पता नहीं चल पाया। एक तरफ बारिश और दूसरी तरफ अब भूकंप ने लोगों के दिलों में डर पैदा कर दिया है।
विदित रहे कि, कांगड़ा का लगभग 98 प्रतिशत भूभाग भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। कांगड़ा जनपद को भूकंप मानचित्र पर अति संवेदनशील जोन-5 के अंतर्गत रखा गया है।साल 1905 की 6 अप्रैल को कांगड़ा जनपद भूकंप की विभीषिका झेल चुका है। उस वक्त करीब 18 हजार लोगों की भूकंंप के कारण मौत हो गई थी। ऐसे में बीती रात आए जोरदार झटकों से लोग सहमे हुए हैं।
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के अंदर सात प्लेट्स होती हैं- जो लगातार घूमती रहती हैं। जब यह प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।