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August 18, 2025

मानसून सत्र में आपदा पर हंगामा: जयराम बोले- पीड़ितों को भेजा राशन कांग्रेस नेता के घर पहुंचा

सीएम सुक्खू ने दिया आश्वासन करेंगे जांच 

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Himachal Vidhan sabha Monsoon Session

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज सोमवार से आरंभ हो गया, जो आगामी 2 सितंबर तक चलेगा। इस 16 दिवसीय सत्र के दौरान कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। पहले ही दिन सदन में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसमें मुख्य मुद्दा हालिया प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्यों की अनियमितताओं को लेकर था।

आपदा राहत को लेकर विपक्ष का तीखा हमला

सत्र के आरंभिक दिन नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार आपदा राहत कार्यों में गंभीर लापरवाही बरत रही है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले की सराज विधानसभा में आई आपदा के दौरान जो राशन सरकार ने पीड़ितों को भेजा गया था, वह कथित रूप से एक कांग्रेस नेता के घर में पहुंच गया।

 

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जयराम ठाकुर ने याद दिलाया कि 30 जून की रात को भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जान.माल का भारी नुकसान हुआ था, जिसमें सिर्फ सराज क्षेत्र में ही 31 लोगों की मृत्यु हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटनास्थल पर आज भी सड़कें बहाल नहीं हो पाई हैं और सरकार ज़मीनी स्तर पर राहत कार्यों में विफल रही है।

वित्तीय सहायता पर भी सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सराज विधानसभा क्षेत्र में आपदा से लगभग 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि सरकार ने महज 2 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की। उन्होंने वर्ष 2023 में घोषित 4500 करोड़ के राहत पैकेज को लेकर भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाए और कहा कि अब तक 300 करोड़ की भी सहायता ज़मीन पर नहीं दिख रही है।

 

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मुख्यमंत्री ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा

जयराम ठाकुर के लगाए गए आरोपों पर का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राशन वितरण में अनियमितताओं की जांच करवाई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से अभी तक विशेष राहत पैकेज नहीं मिला है, लेकिन जिस दिन ऐसा कोई पैकेज मिलेगा, वह दिन केंद्र का आभार जताने का होगा।

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विपक्ष ने आपदा पर मांगी थी चर्चा

इस मुद्दे पर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के चार.चार विधायकों ने आपदा पर विस्तार से चर्चा की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने दोनों पक्षों की मांग को स्वीकार करते हुए प्राकृतिक आपदा पर नियम-130 के अंतर्गत चर्चा की अनुमति दी।

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हालांकि विपक्ष ने इस मुद्दे को नियम-67 के तहत स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से उठाने की मांग की, जिसे शुरुआत में अध्यक्ष ने अस्वीकार करते हुए कहा कि इससे सदन का निर्धारित कार्य बाधित होगा। लेकिन विपक्ष के दबाव और लगातार आग्रह के बाद मुख्यमंत्री ने नियम-67 के तहत चर्चा की अनुमति देने की सहमति दी, जिसे अंततः अध्यक्ष ने भी मंजूर कर लिया।

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