शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने भविष्य में किसी भी आपात स्थिति या संभावित हड़ताल से निपटने के लिए अस्थायी चालकों की नियुक्ति को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। निगम ने स्पष्ट किया है कि ड्राइविंग टेस्ट के माध्यम से चयनित किए गए चालक छह महीने तक पैनल में शामिल रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कभी भी सेवाओं के लिए बुलाया जा सकेगा।

प्रतिदिन 1500 मिलेगा वेतन

निगम के अनुसार, इन चालकों की नियुक्ति नियमित भर्ती नहीं है, बल्कि केवल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर की गई है। चयनित उम्मीदवारों को जिस दिन ड्यूटी पर बुलाया जाएगा, उस दिन के हिसाब से उन्हें 1500 रुपये का पारिश्रमिक दिया जाएगा। सभी चयनित चालकों का रिकॉर्ड संबंधित डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधकों (RM) के पास सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उनकी सेवाएं ली जा सकें।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : पंचतत्व में विलीन हुआ शहीद, श्रीनगर में ऑन ड्यूटी तोड़ा दम- 2 बच्चे मां के भरोसे

हड़ताल की आशंका के बीच तैयार हुई व्यवस्था

हाल ही में HRTC चालक-परिचालकों द्वारा हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद निगम ने प्रदेश के 31 डिपो में कुल 656 अस्थायी चालकों के चयन के लिए ड्राइविंग टेस्ट आयोजित किया था। इस प्रक्रिया में करीब नौ हजार युवाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें से 656 उम्मीदवारों का चयन किया गया।

 

ट्रायल और चयन की पूरी प्रक्रिया क्षेत्रीय प्रबंधकों के स्तर पर पूरी की गई। निगम का मानना है कि भविष्य में यदि परिवहन सेवाओं पर किसी तरह का संकट आता है तो इसी पैनल का उपयोग कर बस संचालन को प्रभावित होने से बचाया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल: दो बच्चों की मां शादीशुदा प्रेमी संग हो गई फरार, मैसेज भेज कहा - अब हम कभी नहीं लौटेंगे

बेरोजगार युवाओं ने दिखाई रुचि

चयनित युवाओं का कहना है कि उन्हें यह जानकारी है कि उनकी सेवाएं स्थायी नहीं हैं और आवश्यकता समाप्त होने पर उन्हें हटाया जा सकता है। इसके बावजूद रोजगार के सीमित अवसरों को देखते हुए उन्होंने इस व्यवस्था को स्वीकार किया है। उनका कहना है कि कुछ समय का रोजगार भी उनके लिए महत्वपूर्ण है।

पहले भी की गई थी वैकल्पिक तैयारी

हड़ताल की आशंका के दौरान HRTC ने दमकल विभाग के चालकों, होमगार्ड जवानों और इलेक्ट्रिक बस संचालन से जुड़ी कंपनी के चालकों को भी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तैयार रहने के निर्देश दिए थे। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने पर उन्हें वापस भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में एक और म*र्डर: गला रे.त कर मौ*त के घाट उतारा 45 वर्षीय लोहार; पुलिस जांच में जुटी

इधर निगम को राज्य निर्वाचन आयोग से चुनावी ड्यूटी में बसें उपलब्ध कराने के बदले करीब पांच करोड़ रुपये और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से तीन करोड़ रुपये की बकाया राशि भी प्राप्त हुई है। इस राशि का उपयोग कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान और चालक-परिचालकों सहित वर्कशॉप कर्मचारियों की वर्दी संबंधी देनदारियां चुकाने में किया जाएगा।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें।