शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बीती रात से प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलधार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच मौसम विभाग ने आज के लिए तीन जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
3 जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में दोपहर बाद और देर रात भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इस चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ अलर्ट मोड में है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे निचले इलाकों या नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
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7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश के ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, शिमला, सोलन और कुल्लू जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी भारी बारिश के चलते भूस्खलन, जल भराव, पेड़ों के गिरने और बाढ़ जैसी घटनाओं की आशंका है। हालांकि, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में इस बार कुछ राहत है, लेकिन शेष 10 जिलों में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
15 जगह फटे बादल
हिमाचल में सबसे ज्यादा तबाही इस बार मंडी जिला झेल रहा है। खासकर सराज, धर्मपुर, नाचन और करसोग विधानसभा क्षेत्रों में एक ही रात में 15 जगह बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। अकेले सराज क्षेत्र में 10 से अधिक बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे यहां करीब 20 हजार लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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कई घर हुए जमींदोज
कहीं घरों की दीवारें जमींदोज हो गईं, तो कहीं सेब के बागान और फसलें बह गईं। कई परिवारों ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया, वहीं अनेक लोग अपने आशियाने उजड़ने के बाद खुले आसमान के नीचे शरण लेने को मजबूर हैं।
मंडी में अब तक 14 की मौत, 32 लापता
30 जून की रात आई प्राकृतिक आपदा के बाद से मंडी में 14 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। वहीं 32 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश सेना, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें कर रही हैं। भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया है, जो न केवल राहत कार्यों में जुटी है, बल्कि सड़कें टूटने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में पैदल राशन और दवाइयां भी पहुंचा रही है।
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अब तक 74 की जान गई, 37 लोग लापता
मौसम विभाग के अनुसार, 20 जून से अब तक मानसून सीजन में 74 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें-
- 14 लोग बादल फटने
- 8 फ्लैश फ्लड
- 8 पानी में डूबने
- 1 भूस्खलन
- 6 ऊंचाई से गिरने
- 4 करंट लगने
- 2 सांप के काटने
- 1 आग लगने
- 3 अन्य कारणों
- 27 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है।
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8 और 9 जुलाई को भी अलर्ट
8 जुलाई को ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा में फिर से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए यलो अलर्ट जारी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 9 जुलाई को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर होगा, लेकिन राज्य के सभी जिलों में यलो अलर्ट रहेगा।
प्रशासन की अपील: सुरक्षित स्थानों पर रहें
राज्य सरकार और सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs) ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घरों से निकलने की अपील की है। स्कूलों में छुट्टियां घोषित की जा सकती हैं, और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
