शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। बीती रात कई जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित है। जगह-जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।

हिमाचल में नहीं थम रही बारिश

सबसे अधिक असर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सड़कों पर पड़ा है। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन मंडी जिले के जोगनी मोड़ के पास भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है। इस वजह से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ रहा है।

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470 सड़कें पड़ी हैं बंद

प्रदेश भर में कुल 470 सड़कें बंद पड़ी हैं, जिनमें कई मुख्य मार्ग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबा हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश से राहत कार्य में बाधा आ रही है।

अगले 6 दिनों तक जारी रहेगी बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 15 अगस्त से मानसून की तीव्रता थोड़ी कम जरूर होगी, लेकिन बारिश का सिलसिला अगले छह दिनों तक जारी रहेगा। आज कांगड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी है। बाकी जिलों में आसमान साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने की संभावना है।

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कई जिलों में यलो अलर्ट

कल, यानी 16 अगस्त को ऊना, चंबा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में मध्यम बारिश की चेतावनी है। 17 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में फिर यलो अलर्ट रहेगा।

ज्यादातर हिस्सों में होगी बारिश

18 अगस्त को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के असर से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होगी। किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। 19 और 20 अगस्त को यह प्रणाली कमजोर पड़ेगी, जिससे मौसम में कुछ सुधार की उम्मीद है। राहत की बात यह है कि 15 से 20 अगस्त तक किसी भी दिन रेड या ऑरेंज अलर्ट नहीं है।

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मानसून का अब तक का कहर

इस वर्ष 20 जून से 14 अगस्त के बीच, मानसून सीजन ने हिमाचल में भारी तबाही मचाई है। अब तक 247 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 33 की जान लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और बादल फटने जैसी आपदाओं में गई है। इसके अलावा, 36 लोग अब भी लापता हैं।

भारी आर्थिक नुकसान

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 2104 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है। इस अवधि में 545 मकान पूरी तरह ढह गए हैं, जबकि 1763 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। 359 दुकानें और 2116 गोशालाएं भी बारिश और भूस्खलन की चपेट में आई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

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