शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों के हित में महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि कोई भी पुलिसकर्मी लगातार आठ घंटे से अधिक ड्यूटी न करे। यह फैसला एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सुनाया गया।
कठिन ड्यूटी करने वालों को अतिरिक्त वेतन
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को कठिन ड्यूटी करनी पड़ती है, उन्हें कम से कम पैंतालीस दिनों का अतिरिक्त वेतन दिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस विभाग को छुट्टियों के मामले में उदारता बरतनी चाहिए ताकि कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक राहत मिल सके।
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प्रमोशन, आवास योजना और मनोचिकित्सक की व्यवस्था
अदालत ने सरकार को निर्देश दिए कि वह पुलिस कर्मियों को उनके पूरे करियर के दौरान कम से कम तीन बार पदोन्नति देने की नीति बनाए। इसके अलावा पुलिस बल के लिए आवास योजना शुरू करने और हर जिले में मनोचिकित्सक की नियुक्ति करने को भी कहा गया है, ताकि तनाव में काम कर रहे जवानों को मानसिक सहयोग मिल सके।
मुआवजा, चयन बोर्ड और स्वास्थ्य जांच
कोर्ट ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान चोट, विकलांगता या मृत्यु की स्थिति में उचित मुआवजा देने को कहा है। इसके साथ ही, भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए विशेष चयन बोर्ड के गठन का आदेश भी दिया गया है। सभी पुलिसकर्मियों की तीन महीने में एक बार चिकित्सकीय जांच अनिवार्य करने का निर्देश भी शामिल है।
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यातायात पुलिस के लिए राहत और सावधानी
यातायात पुलिस के जवानों को गर्मी के मौसम में पर्याप्त अवकाश देने, और ड्यूटी के समय उन्हें हानिकारक गैसों से बचाने के लिए मास्क प्रदान करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पुलिस स्टेशन शिफ्टों में काम करें ताकि पुलिसिंग अधिक कुशल और जनोन्मुखी हो सके।
