शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस बार सरकारी स्कूलों का स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम अलग तरह से मनाया जाएगा। इस साल शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार 15 अगस्त के कार्यक्रमों में पूर्व सैनिकों और वर्तमान में सेवा दे रहे सैनिकों को सम्मानित किया जाना है।
हर सरकारी स्कूल में कार्यक्रम
शिक्षा सचिव ने स्कूल शिक्षा निदेशक को पत्र जारी कर इस तरह से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके मुताबिक सभी सरकारी स्कूलों में इसे अनिवार्य रूप से लागू करना है। इस पहल के जरिए छात्रों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने और सेना के बलिदान के लिए सम्मान बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
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सैनिक साझा करेंगे कहानियां
दिशा-निर्देशों के अनुसार हर एक स्कूल ने अपने आसपास के पूर्व और वर्तमान में ड्यूटी दे रहे सैनिकों की पहचान की। फिर उन्हें औपचारिक निमंत्रण दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद सबसे सीनियर पूर्व सैनिक को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सम्मान दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को इन वीरों के अनुभव और प्रेरणादायक किस्से कहानियां सुनने को मिलेंगे।
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डिफेंस में जाने की मिलेगा प्रेरणा
इस पहल के जरिए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम खास तो बन ही गया है बल्कि इससे छात्रों के मन में राष्ट्रीय गौरव और कृतज्ञता की भावना भी जगेगी। सैनिकों को इस तरह से कार्यक्रम में शामिल करने से उनके योगदान का सम्मान तो किया ही जा रहा है बल्कि इसके जरिए युवाओं को डिफेंस सर्विस में जाने के लिए प्रेरणा भी मिलेगी।
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बच्चे समझेंगे आजादी की कीमत
जब बच्चे अपने स्थानीय सैनिकों से मिलेंगे तो इससे उनके स्थानीय संबंध और मजबूत होंगे। बच्चे जब अपने ही गांव या शहर के वीरों से मिलेंगे तो वे ना केवल गर्व महसूस करेंगे बल्कि वो ये भी समझ पाएंगे कि आजादी किस कीमत पर मिलती है। शिक्षा विभाग का ये फैसला इसी नजरिए से लिया गया है कि छात्रों में देशभक्ति की भावना जगे।
