कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 28 अगस्त को हुए एचआरटीसी बस हादसे के मामले में निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। कुल्लू-ब्यासर सड़क मार्ग पर कटार कैंची के पास 79 यात्रियों से भरी बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए थे। हादसे में 45 लोग घायल हुए थे, जबकि 8 यात्रियों को हल्की चोटें आई थीं। अब तकनीकी जांच के बाद निगम ने बस चालक परवीन कुमार को सस्पेंड कर दिया है।
ढलान पर बस चलाते समय कम हुआ ब्रेक का एयर प्रेशर
बता दे कि हादसा कुल्लू-ब्यासर सड़क मार्ग पर कटार कैंची के पास 28 अगस्त को पेश आया था। बस में करीब 79 यात्री सवार थे। हादसे में 45 लोग घायल हुए थे, जबकि 8 यात्रियों को हल्की चोटें आई थीं। HRTC कुल्लू के RM.DK नारंग ने बताया कि बस नंबर HP 66A 1583 ब्यासर से कुल्लू की ओर आ रही थी।
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रास्ते में बस पहाड़ी से टकराकर हादसे का शिकार हो गई। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए निगम ने तकनीकी जांच कमेटी बनाई थी। जांच में सामने आया कि लगातार ढलान पर बस चलाने के दौरान ब्रेक सिस्टम में हवा का दबाव कम हो गया था, जिससे ब्रेक की क्षमता प्रभावित हुई।
सर्विस ब्रेक का लगातार इस्तेमाल करना पड़ा भारी
जांच में यह भी सामने आया कि ढलान पर बस चलाते समय चालक ने काफी देर तक सर्विस ब्रेक का इस्तेमाल किया। इससे बस के एयर प्रेशर में तेजी से कमी आई और ब्रेक कमजोर पड़ गए। हालांकि, तकनीकी जांच में बस की फिटनेस जनवरी 2027 तक वैध पाई गई है। बस के टायर, पीछे के पत्ते और ट्रांसमिशन सिस्टम भी हादसे से पहले सही हालत में थे।
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डैशबोर्ड के संकेतों पर ध्यान नहीं देने का आरोप
तकनीकी कमेटी के अनुसार चालक ने डैशबोर्ड पर कम होते एयर प्रेशर के संकेतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। इसके अलावा आपात स्थिति में बस में मौजूद यांत्रिक हैंड ब्रेक का भी इस्तेमाल नहीं किया गया। बाद में बस को खाई में जाने से बचाने के लिए चालक ने उसे पहाड़ी की तरफ मोड़ दिया, जिसके चलते बस पहाड़ी से जा टकराई।
चालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू
जांच रिपोर्ट के आधार पर HRTC ने चालक परवीन कुमार को केंद्रीय सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। निगम अब हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहा है।
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बस की मरम्मत पर खर्च होंगे करीब 3.50 लाख रुपये
आरएम डीके नारंग ने बताया कि हादसे में क्षतिग्रस्त हुई बस की मरम्मत पर करीब 3.50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल बस की मरम्मत की प्रक्रिया और चालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
