शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब सभी पात्र इन-सर्विस शिक्षकों को एक टेस्ट पास करना अनिवार्य कर दिया है।
सुक्खू सरकार का नया फरमान
शिक्षकों को 31 अगस्त, 2028 तक शिक्षक पात्रा परीक्षा TET पास करना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों के मामलों में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत सभी जिलों से ऐसे शिक्षकों का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा जिन्होंने अभी तक TET पास नहीं किया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की जनता के लिए खुशखबरी : अब समय पर मिलेगा राशन, नहीं लगाने पड़ेंगे डिपो के चक्कर
अब शिक्षकों को देना होगा पेपर
शिक्षा विभाग के अनुसार यह निर्णय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 1385/2025 तथा उससे संबंधित समीक्षा याचिका पर दिए गए आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। पहले कार्यरत शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए दो वर्ष का समय दिया गया था, लेकिन न्यायालय ने इसे बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया है। इसी के आधार पर अब शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करने का अवसर मिलेगा।
फेल होने वालों की बनेगी लिस्ट
सरकार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी कार्यरत शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाए जिन्होंने अभी तक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। जिला उपनिदेशकों, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों, विद्यालय प्रमुखों और संबंधित शिक्षकों को भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि कोई भी पात्र शिक्षक निर्धारित समय-सीमा से पहले परीक्षा देने से वंचित न रहे।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में सायरन बजाती रही AMBULANCE, नहीं हटाई कैश वैन- पुलिस ने सिखाया सबक
साल में दो बार होगी परीक्षा
शिक्षकों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष TET परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार वर्ष में कम से कम दो बार इन-सर्विस शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा आयोजित की जाएगी। साथ ही परीक्षा कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि सभी पात्र शिक्षक समय पर आवेदन कर परीक्षा में शामिल हो सकें।
कार्रवाई के निर्देश
शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले को अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध बताते हुए स्कूल शिक्षा निदेशक को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी हों और अनुपालन रिपोर्ट भी सरकार को भेजी जाए।
यह भी पढ़ें- BPL चयन में सुक्खू सरकार की नरमी : आय सीमा बढ़ाने के साथ बदले कई नियम- जानें
क्यों लिया ऐसा फैसला?
सरकार का मानना है कि TET शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता और व्यावसायिक दक्षता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पात्र शिक्षकों के TET उत्तीर्ण करने से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। साथ ही शिक्षकों के कौशल और शिक्षण स्तर में भी सुधार आने की उम्मीद है।
शिक्षकों को समय रहते करनी होगी तैयारी
शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी पात्र कार्यरत शिक्षकों से अपेक्षा की गई है कि वे समय रहते TET परीक्षा की तैयारी करें और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर 31 अगस्त 2028 से पहले परीक्षा उत्तीर्ण कर लें।
