शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार हो रही भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से खतरा बढ़ गया है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश सरकार ने स्कूलों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की जिम्मेदारी और अधिक स्पष्ट कर दी है।

शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

अब किसी भी जिले में मौसम खराब होने की स्थिति में स्कूलों को बंद करने का फैसला संबंधित जिले के DC लेंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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खराब मौसम से बढ़ा खतरा

उन्होंने बताया कि सरकार ने लगभग दो वर्ष पहले ही यह नीति लागू कर दी थी कि पूरे प्रदेश में एक साथ स्कूल बंद करने के बजाय प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक बनावट और मौसम की स्थिति हर जिले में अलग-अलग रहती है।

भारी बारिश, भूस्खलन, बंद सड़कें

कई क्षेत्रों में भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी परिस्थितियां बन जाती हैं, जबकि दूसरे जिलों में सामान्य स्थिति बनी रहती है। ऐसे में एक समान आदेश जारी करना व्यावहारिक नहीं माना गया।

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शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान

शिक्षा मंत्री ने कहा कि संबंधित जिलाधीश समय रहते मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय हालात का आकलन कर आवश्यक निर्णय लेंगे। इस संबंध में सभी जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

शिक्षकों को भी मिलेगी छुट्टी

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस जिले में स्कूल बंद करने का आदेश जारी होगा, वहां केवल विद्यार्थियों की ही नहीं बल्कि शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भी छुट्टी रहेगी। इससे आदेशों को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी और सभी पर समान रूप से नियम लागू होंगे।

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शिक्षा विभाग में भर्ती प्रक्रिया तेज

शिक्षा मंत्री ने विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में अब तक लगभग आठ हजार पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली हैं। इसके अलावा करीब दो हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया विभिन्न चरणों में चल रही है।

 

उन्होंने बताया कि 400 सहायक प्रोफेसरों के पदों का प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को भेजा जा चुका है। सरकार का लक्ष्य अपने मौजूदा कार्यकाल के दौरान कुल लगभग 11 हजार नियुक्तियां पूरी करना है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

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विपक्ष द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि किसी को सरकारी आंकड़ों पर संदेह है तो वह सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।

150 CBSE संबद्ध सरकारी स्कूलों में होगी नियुक्तियां

प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी कार्य कर रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य के 150 सरकारी स्कूलों को CBSE से संबद्ध किया जा चुका है।

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इन विद्यालयों में पहले चरण में प्रिंसिपलों की नियुक्ति की जाएगी, जिसके बाद शिक्षकों की नियुक्तियां पूरी कर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और प्रिंसिपलों की तैनाती के साथ ही नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।

हिमाचल में AI यूनिवर्सिटी स्थापित करने पर प्रारंभिक विचार

नई तकनीकों और बदलती शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI यूनिवर्सिटी स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि फिलहाल यह प्रस्ताव प्रारंभिक चर्चा के स्तर पर है और सरकार विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए उच्च शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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