चंबा। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के समय ड्यूटी से गायब रहने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सरकार ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर इस कार्रवाई की शुरूआत भी कर दी है। इसी कड़ी में अब कई अन्य कर्मचारियों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। 

मंत्री के निर्देश पर दो कर्मचारी निलंबित

दरअसल राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के निर्देश पर चंबा जिला के भरमौर उपमंडल में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कर्मचारी  भरमौर की ग्राम पंचायत कुगती में तैनात पंचायत सचिव और ग्राम सेवक हैं। इन दोनों कर्मचारियों को आपदा के समय ड्यूटी से गायब पाए जाने पर सस्पेंड किया गया है। भरमौर प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आपदा जैसी संवेदनशील स्थिति में ड्यूटी से नदारद रहना आम जनता के साथ विश्वासघात के समान है, और ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

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15 दिन से बंद है भरमौर मार्ग

बता दें कि चंबा जिला में मणिमहेश यात्रा के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। चंबा-भरमौर मार्ग पिछले 15 दिनों से अवरुद्ध पड़ा है, जिससे न सिर्फ तीर्थयात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि स्थानीय ग्रामीण भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ऐसे समय में कुछ कर्मचारी और अधिकारी ड्यूटी छोड़कर अपने घर चले गए, जो अब प्रशासन की नजरों में हैं।

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लापरवाह कर्मियों की सूची तैयार

भरमौर के एडीएम कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि प्रशासन ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची बना रहा है, जिन्होंने आपदा के दौरान ड्यूटी से मुंह मोड़ा। उन्होंने कहा कि  आपदा के समय ड्यूटी से अनुपस्थित रहना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह जनता के साथ धोखा भी है। जल्द ही ऐसे सभी कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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जिम्मेदारी निभाने वालों को मिलेगा सम्मान

जहां एक ओर लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आपदा के समय अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा और समर्पण से निभाने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें सम्मानित करने की योजना भी बनाई जा रही है। प्रशासन ने ऐसे कर्मचारियों की अलग सूची तैयार कर ली है और राज्य सरकार की ओर से उन्हें पुरस्कार देने की तैयारी की जा रही है।

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हिमाचल सरकार का सख्त संदेश

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदा जैसे संकट के समय में किसी भी तरह की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया है कि आपदा के समय जब आम लोग मुश्किलों में होते हैं, उस वक्त सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कर्तव्य से भागना न केवल प्रशासनिक अपराध है, बल्कि यह नैतिक जिम्मेदारी से भी मुंह मोड़ने जैसा है।

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