चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुई भारी बर्फबारी के कारण कई दिनों से सड़कें बंद पड़ी थीं। इन्हें दोबारा चालू करने के लिए PWD के कर्मचारी लगातार सड़क बहाली के काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक एक ग्लेशियर टूटकर सड़क पर आ गिरा, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
कई दिनों से बंद पड़ा था रास्ता
बता दें कि जिला चंबा के चुराह इलाके में बीते कल वीरवार को एक बड़ा ग्लेशियर टूटकर सड़क पर आ गिरा। यह वही सड़क है जो चंबा को पांगी घाटी से जोड़ती है। उस समय लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारी और मजदूर सड़क को बहाल करने के काम में लगे हुए थे, क्योंकि पिछले कई दिनों से भारी बर्फबारी के कारण यह रास्ता बंद पड़ा था।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के गांवों के लिए मोदी सरकार ने भेजा पैसा : 261 करोड़ की मंजूरी-पानी का संकट होगा दूर
अचानक पहाड़ी से सुनाई दी जोरदार आवाजें
काम के दौरान अचानक पहाड़ी से जोरदार आवाजें आने लगीं। जैसे ही कर्मचारियों और मजदूरों को आशंका हुई कि ऊपर से ग्लेशियर टूट रहा है, वे तुरंत सब कुछ छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
कर्मचारियों ने भागकर बचाई अपनी जान
बताया जा रहा है कि ग्लेशियर को पहाड़ी से सड़क तक पहुंचने में करीब 50 से 70 सेकंड का समय लगा, और इतने कम समय में सभी लोग वहां से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। अगर थोड़ी भी देर हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था और जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था।
यह भी पढ़ें : मई की शुरुआत में महंगाई का झटका : 993 रुपये बढ़े गैस सिलेंडर के दाम, आम आदमी की टूटी कमर
तीन चार माह बंद रहती हैं सड़कें
ग्लेशियर के सड़क पर आने से वहां काम कर रही कुछ मशीनों को हल्का नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर फिलहाल सड़क बहाली का काम रोक दिया गया है। दरअसल, चंबा और पांगी को जोड़ने वाली यह सड़क हर साल सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण करीब 3 से 4 महीने तक बंद रहती है।
ग्लेशियर गिरने का बना रहता है खतरा
सर्दियां खत्म होने के बाद PWD के कर्मचारी और मजदूर कड़ी मेहनत करके बर्फ हटाते हैं और रास्ता फिर से चालू करने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह इलाका बेहद दुर्गम है और यहां अक्सर ग्लेशियर गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे काम करना काफी जोखिम भरा हो जाता है।
