चंबा।  हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला की प्रसिद्ध पवित्र मणिमहेश यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए खाद्य सामग्री और टैक्सी सेवाओं के दाम तय कर दिए हैं। यह यात्रा 16 अगस्त से 31 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। वहीं, कल यानी 9 अगस्त से हेली टैक्सी सेवा की शुरुआत भी की जा रही है।

120 में मिलेगा भरपेट भोजन

प्रशासन ने पैदल यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाले भोजन की दरें भी तय कर दी हैं। यात्रियों को फुल डाइट भोजन 120 से 150 रुपये में मिलेगा, जबकि हाफ डाइट 60 से 80 रुपए में उपलब्ध होगी। इसके अलावा, मैगी की एक प्लेट की कीमत 30 से 50 रुपए के बीच तय की गई है। अन्य खाद्य सामग्री के दाम भी प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए हैं, जिससे यात्रियों को 

मनमाने दामों से राहत मिलेगी।

 

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टैक्सियों का किराया भी तय

टैक्सी सेवाओं के लिए भी नई किराया सूची जारी की गई है। पुराना बस अड्डा से हेलीपैड, भरमाणी, हड़सर और कुगती जैसे गंतव्यों तक वाहन किराया 300 रुपए से शुरू होकर अधिकतम 1500 रुपये तक रहेगा। प्रति सवारी किराया 100 से 200 रुपये के बीच तय किया गया है, जो वाहन की क्षमता 5 सीटर या 10 सीटर और दूरी पर निर्भर करेगा।

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अधिकारियों का कहना है कि तय दरों से अधिक पैसा वसूलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि यदि किसी दुकानदार या टैक्सी चालक द्वारा निर्धारित दरों से अधिक वसूली की जाती है तो यात्री इसकी शिकायत सीधे प्रशासन से कर सकते हैं।

 

 

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कितना देना होगा हेली टैक्सी किराया

भरमौर से गोरीकुंड तक आने-जाने का किराया अब ₹7000 तय किया गया है, जो पिछले वर्ष करीब ₹8000 था। यह सेवा 9 अगस्स से 31 अगस्त तक उपलब्ध रहेगी। चंबा के उपायुक्त मुकेश रेपसवाल के अनुसार, हेली सेवा का टेंडर पूरा हो चुका है और ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि बुकिंग केवल अधिकृत पोर्टल से ही करें ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

कहां-कहां लगेंगे लंगर?

NGT द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस बार डल झील के आसपास कोई लंगर नहीं लगेगा। झील से दूर व विपरीत जलप्रवाह क्षेत्र में ही लंगर लगेंगे। इसके अलावा भरमौर में ददबां और पट्टी के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर के मार्ग पर कोई भी लंगर नहीं लगाया जाएगा।

 

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एंट्री शुल्क देना होगा

इस यात्रा में शामिल होने वाले हर श्रद्धालु को इस बार एंट्री कम सेनिटेशन शुल्क देना होगा। यह पहला मौका है जब मणिमहेश यात्रा पर ऐसा शुल्क लगाया गया है। इस बार की यात्रा में प्रशासन द्वारा यात्रियों से 100 रुपए का एंट्री कम सेनिटेशन शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क आपसे एंट्री गेट पर ही लिया जाएगा। जिसे देने के बाद ही श्रद्धालु अपनी यात्रा को शुरू कर पाएंगे।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए लिया गया फैसला

प्रशासन का दावा है कि यह राशि श्रद्धालुओं के मार्ग में साफ-सफाई और पर्यावरणीय संरक्षण पर खर्च की जाएगी। इस निर्णय को ईको डेवलपमेंट कमेटी मणिमहेश की बैठक में मंजूरी दी गई है, जिसमें व्यापारियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी भी रही।

 

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दुकानदारों और ढाबा संचालकों पर भी नई सख्ती

  • यात्रा मार्ग पर दुकान या ढाबा लगाने वालों को भरमौर के आरओ कार्यालय में पंजीकरण करवाना जरूरी कर दिया गया है।
  • छोटी दुकान या ढाबा वालों को 500 रुपए
  • बड़ी दुकान या ढाबा वालों को 3000 रुपए शुल्क देना होगा।
  • जो दुकानदार या ढाबा संचालक अपने आसपास गंदगी फैलाता पाया गया, उस पर 5 हजार तक जुर्माना लगाया जाएगा।

 सुविधा कितनी, शुल्क कितना?

श्रद्धालु और स्थानीय व्यापारी इस नए नियम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दे रहे हैं-

  • क्या प्रशासन इस राशि का सही उपयोग सुनिश्चित कर पाएगा?
  • क्या श्रद्धा के रास्ते में स्वच्छता जरूरी है या शुल्क?
  • क्या प्रशासन इस शुल्क के बदले श्रद्धालुओं को पर्याप्त सुविधाएं दे पाएगा?

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