#यूटिलिटी

August 8, 2025

हिमाचल में आज इन पांच जिलों में बरसेगी आफत; येलो अलर्ट जारी, भारी बारिश से 300 स्कूल बंद

मौसम विभाग ने अगले पांच दिन प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी

शेयर करें:

Heavy Rail Alert

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कहर बनकर टूट रहा है। राज्य के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त.व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने आज शुक्रवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार आज प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में येलो अलर्ट दिया गया है। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने करीब 300 शिक्षण संस्थानों पर असर डाला है। प्रदेश सरकार ने इन शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित की है।

अगले पांच दिन बारिश की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश में 12 अगस्त तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। विभाग ने बताया कि सक्रिय दक्षिण.पश्चिम मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव के कारण अगले कुछ दिन राज्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। विशेष रूप से 10 और 11 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, मंडी, सोलन, बिलासपुर, कुल्लू और शिमला सहित कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। इन दो दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन, सड़कें बंद होने, और नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : करंट लगने से महिला और जवान लड़के ने तोड़ा दम, परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़

300 से ज्यादा शिक्षण संस्थान प्रभावित

भारी बारिश का सबसे अधिक असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। प्रदेश के 300 से अधिक स्कूलों को बंद करना पड़ा है, जिनमें से अधिकतर मंडी, शिमला, कांगड़ा और ऊना जिलों में स्थित हैं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों में मानसून अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया गया है। कई उप-मंडलों ने अपने स्तर पर छुट्टियों की घोषणा कर दी है, ताकि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पहाड़ से सड़क पर गिरी चट्टानें

प्रदेश में भारी बारिश के चलते भारी भूस्खलन हो रहे हैं। ऐसा ही एक भूस्खलन आज शुक्रवार को चंडीगढ़.मनाली फोरलेन पर मंडी के झिंडी में भी हुआ है। यहां सड़क पर बड़ी बड़ी चट्टानें आ गई। राहत की बात यह थी कि उस समय सड़क पर कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।  इससे फोरलेन आधे घंटे तक वाहनों के लिए बंद हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: 3 साल की बेटी के सिर से उठा पिता का साया, खाई मे गिरी बोलेरो' मल्टी टास्क कर्मी की गई जान

बर्बादी का आंकड़ा 202 मौतें

इस साल 20 जून से लेकर 7 अगस्त तक के बीच मानसून ने राज्य में भारी तबाही मचाई है। अब तक 202 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से 32 मौतें बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं में हुई हैं। इसके अलावा 94 लोगों की मृत्यु सड़क हादसों में हुई जो खराब मौसम और सड़कों की स्थिति का नतीजा है। राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 1952 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: 8 साल की बेटी के साथ स्कूटी पर घर लौट रही थी मां, HRTC बस ने रौंद दीं

  • 477 घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं
  • 1413 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है
  • 293 दुकानें, 1772 गोशालाएं, और 23 घाट भी क्षतिग्रस्त हुए हैं
  • 25,755 पालतू पशु बारिश और आपदाओं के कारण मारे गए हैं

शासन और प्रशासन की तैयारी

राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में बचाव टीमें तैनात की गई हैं, और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। जिलों में हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए गए हैं और NDRF व स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें।

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख