नाहन (सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक दिल दहला देने वाली और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा है, जिसकी कल्पना मात्र से ही आंखें नम हो जाती हैं। जिस घर में कुछ महीने पहले नवजात बच्चे के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, आज उसी घर में मातम पसरा हुआ है। महज चार दिनों के भीतर परिवार के दो सदस्यों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक घटना ने न केवल परिजनों बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। गांव में हर तरफ इसी घटना की चर्चा है और लोगों की आंखें शोक से नम हैं।
तीन माह पहले जन्मा था बेटा, अब उठ गया पिता का साया
जानकारी के अनुसार कमरऊ तहसील की मिनलबाग पंचायत के नेड़ाढाल गांव निवासी 33 वर्षीय अमित चौहान कुछ समय पहले एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। बताया जा रहा है कि पेड़ से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उनका उपचार चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में चल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि अमित स्वस्थ होकर वापस घर लौटेंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उपचार के दौरान 21 जून को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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एक साल पहले हुई थी शादी
अमित की शादी पिछले वर्ष हुई थी और करीब तीन माह पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। परिवार अभी नवजात बच्चे के आगमन की खुशियां मना ही रहा था कि अचानक पिता की मौत ने उन खुशियों को गहरे दुख में बदल दिया।
एक और सदमे ने परिवार को कर दिया बेहाल
परिवार अमित की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि चार दिन बाद एक और दुखद खबर ने पूरे घर को झकझोर दिया। 24 जून को अमित के चाचा सुरेंद्र चौहान का अचानक हृदय गति रुकने से निधन हो गया। सुरेंद्र चौहान पेशे से शिक्षक थे और कफोटा स्थित एक निजी विद्यालय में गणित विषय पढ़ाते थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनका अच्छा नाम था और छात्र भी उन्हें बेहद सम्मान की दृष्टि से देखते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार पर मानो दूसरा वज्रपात हो गया।
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चार दिन में दो अर्थियां उठने से गांव में शोक
एक ही परिवार में चार दिनों के भीतर दो लोगों की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने शायद ही कभी किसी परिवार को इतने कम समय में इतनी बड़ी त्रासदी से गुजरते देखा हो। जहां कुछ समय पहले बच्चे के जन्म पर बधाइयों का सिलसिला चल रहा था, वहीं अब घर में शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार के सदस्य अभी भी इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।
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मासूम की किस्मत ने हर किसी को किया भावुक
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे मार्मिक पहलू वह तीन माह का मासूम है, जिसने अभी दुनिया को ठीक से देखना भी शुरू नहीं किया था। जन्म के कुछ ही महीनों बाद उसके सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार की इस त्रासदी ने हर किसी को भावुक कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि भगवान किसी परिवार को ऐसा दुख न दे, जहां खुशियां मातम में बदल जाएं और एक के बाद एक अपनों की विदाई का दर्द झेलना पड़े।
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पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
नेड़ाढाल गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। हर कोई यही कह रहा है कि कुछ ही दिनों के भीतर परिवार पर आई यह दोहरी त्रासदी बेहद दुखद और असहनीय है।
