मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी में ब्यास आरती अब रोज होगी। इस आरती के लिए ब्यास नदी के किनारे घाट भी बनेगा। इसका ऐलान राज्य के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को मंडी के अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2025 के समारोह में भाग लेते हुए किया। अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2025 की जलेब में बजंतरियों-देवलुओं के साथ हजारों लोगों ने देव परंपरा का निर्वाह किया।
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पड्डल मैदान पर आयोजित एक जनसभा में डिप्टी सीएम ने कहा कि मंडी शिवरात्रि महोत्सव हमारी आस्था का प्रतीक है। शिवरात्रि महोत्सव में इस देवभूमि में देवताओं का समागम पूरे भारत में हिमाचल को पहचान दिलाता है। मंडी शिवरात्रि हो या कुल्लू दशहरा और मिंजर, यहां आयोजित होने वाले मेले हमारे प्रदेश की शान हैं। मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव को नई ऊंचाइयां देने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
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निकली राज देवता माधोराय की पालकी
मध्य जलेब में लोगों ने राज देवता माधोराय की पालकी के साथ अन्य देवी-देवताओं के रथ पर फूलों की बारिश की। मुकेश अग्निहोत्री ने राजदेवता माधोराय के मंदिर में पूजा-अर्चना की। दूसरी जलेब का नेतृत्व सराज घाटी के देवता छांजणू-छमांहू ने किया। उनके पीछे मार्कंडेय, देव विष्णु मतलोडा, ऋषि पराशर, देवी अंबिका थट्टा डाहर, शैटी नाग, मगरु महादेव, देव बायला नारायण, चपलांदू नाग, बिठु नारायण, लक्ष्मी नारायण, देव हुरंग नारायण, देव पशाकोट, देव चुंजवाला, देव तुंगासी, देव गणपति, देव टुंडीवीर समेत अन्य देवी-देवता अपने अपने देवलुओं के साथ मध्य जलेब में शामिल हुए।
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स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाषा विभाग हिमाचल में जितने भी त्यौहार होते हैं, उनकी तारीखों और कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर एक सूची तैयार कर रहा है। हिमाचल प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को इन त्यौहारों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में समुचित मंच उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों को इस ढंग से रोपवे से जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे। इससे पहले उन्होंने टारना में श्यामाकाली मंदिर, अराध्य बड़ा देव कमरूनाग और भीमाकाली मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
