ऊना। एक छोटी-सी पारिवारिक अनबन ने जिस बेटे को आधी सदी पहले घर से दूर कर दिया था- वो अब 73 वर्ष की उम्र में अपने अपनों के बीच लौट आया है। ऊना जिले के रणवीर सिंह की यह भावुक कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

करीब 50 साल पहले, जब रणवीर सिंह की उम्र महज 21-22 साल थी, तब उनका अपने पिता से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्से और आहत मन से उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में गर्मी ने किया बुरा हाल : 42 डिग्री पहुंचा पारा, कई जिलों में लू का अलर्ट जारी

पिता की डांट पर छोड़ा घर

घर छोड़ने के बाद उन्होंने पंजाब के अमृतसर की सब्जी मंडी में कुछ समय बिताया। मगर उन्हें स्थायी ठिकाना उत्तर प्रदेश के हरदोई में मिला। वहीं, उन्होंने आटा चक्की चलाकर अपने जीवन की गाड़ी आगे बढ़ाई।

73 साल की उम्र में लौटे घर

समय के साथ बहुत कुछ बदल गया। उनके माता-पिता इस दुनिया से चले गए, लेकिन उनकी तीनों बहनें आज भी अपने भाई के लौटने की आस लगाए बैठी थीं। सालों बाद जब दिल में अपने घर-परिवार की याद फिर से जागी, तो रणवीर सिंह ने वापसी का फैसला किया।

यह भी पढ़ें : हिमाचल शर्मसार कलयुगी पिता ने गर्भवती कर दी अपनी ही बेटी, कच्ची उम्र में दिया बच्चे को जन्म

कैसे मिला रणवीर को परिवार

शनिवार को वह हरदोई से अपने गांव चलोला पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात डिंपल राणा नाम के एक युवक से हुई, जिससे उन्होंने अपने पिता हरमंदर सिंह के घर के बारे में जानकारी ली। डिंपल ने उनकी मदद करते हुए परिवार से संपर्क करवाया।

 

पचास साल की दूरी पल में खत्म

जैसे ही वर्षों बाद भाई-बहनों का आमना-सामना हुआ, भावनाएं उमड़ पड़ीं। वृद्ध बहनें अपने भाई को देखकर खुद को रोक नहीं पाईं और उसे गले लगा लिया। इस मार्मिक मिलन के दौरान पूरे परिवार की आंखें नम थीं- पचास साल की दूरी कुछ ही पलों में खत्म हो गई।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें