हमीरपुर। हमीरपुर स्थित हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय  HPTU ने विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने आलमा वे नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के साथ साझेदारी कर एक अत्याधुनिक प्लेसमेंट एवं एलुमनी डेटाबेस सॉफ्टवेयर खरीदा है, जिसकी लागत करीब छह लाख रुपये बताई जा रही है।

अब इंटरव्यू की नहीं कोई टेंशन

इस सॉफ्टवेयर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए HPTU से संबद्ध 45 से अधिक इंजीनियरिंग व तकनीकी कॉलेजों के छात्र-छात्राएं 500 से भी ज्यादा नामी और स्थापित कंपनियों में ऑनलाइन या ऑफलाइन इंटरव्यू में सीधे हिस्सा ले सकेंगे। यह सुविधा उन कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगी, जो इस सॉफ्टवेयर के लिए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करेंगे।

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इस पहल को सफल बनाने और सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली से कॉलेज प्रबंधन को अवगत कराने के लिए विश्वविद्यालय 2 मई को हमीरपुर में एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। इसमें संबंधित कॉलेजों के प्राचार्य और प्लेसमेंट अधिकारियों को सॉफ्टवेयर के उपयोग और इंटरफेस की बारीकियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

बेरोजगारों को मिलेगी नौकरी

यह सॉफ्टवेयर केवल नौकरी ढूंढने का मंच नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को इंटरव्यू के लिए तैयार भी करता है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक शामिल की गई है, जो छात्रों की प्रोफाइल और रिज्यूमे को बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद करती है। साथ ही, इंटरव्यू के बाद छात्रों को उनके प्रदर्शन का विश्लेषण करके यह बताया जाएगा कि किन क्षेत्रों में उन्हें सुधार की ज़रूरत है। इस तरह छात्र अगली बार और बेहतर प्रदर्शन के साथ इंटरव्यू का सामना कर सकेंगे।

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विशेष लॉगिन से होगी पहुंच

विद्यार्थियों को एक विशिष्ट आईडी और लॉगिन लिंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके माध्यम से वे सॉफ्टवेयर में लॉगिन कर सीधे इंटरव्यू प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। इससे उन्हें कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी और सारा प्रोसेस केंद्रीकृत और पारदर्शी रहेगा।

उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार होंगे छात्र

एचपीटीयू के अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रोफेसर जयदेव ने बताया कि यह कदम तकनीकी शिक्षा और उद्योगों के बीच की खाई को पाटने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है ताकि वे प्रतिस्पर्धी माहौल में सफल हो सकें। इस नई पहल से प्रदेश के हजारों तकनीकी विद्यार्थी लाभान्वित होंगे और हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक और मजबूत कदम आगे बढ़ा सकेगा।

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