कांगड़ा। भारतीय वायुसेना के लिए पठानकोट एयरबेस के अलावा अब कांगड़ा का एयरपोर्ट भी विकल्प के रूप में मिल गया है। चीन सीमा तक वायुसेना की पहुंच को आसान बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय पंजाब के हिसार और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार कर रहा है। शनिवार की देर रात भारतीय वायुसेना के विमान ने कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग का सफल ट्रायल किया। 

 

रात करीब 10:36 बजे हिंडन एयरपोर्ट, गाजियाबाद से उड़ान भरने वाले वायुसेना के C130 विमान ने कांगड़ा एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान 20 मिनट तक एयरपोर्ट पर रुका और 10:56 बजे दिल्ली के लिए वापस रवाना हुआ। वायुसेना के विमान की कांगड़ा एयरपोर्ट पर यह तीसरी लैंडिंग थी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: पूरे नोर्थ इंडिया में फैला रखा था नशे का नेटवर्क, पुलिस ने अब तक धरे 44 तस्कर

 

आवाज सुनकर घरों से निकले लोग


यह परीक्षण कांगड़ा एयरपोर्ट पर वायुसेना के मालवाहक विमान की परिचालन क्षमता को परखने के लिए किया गया था। इस सफल ट्रायल के बाद अब वायुसेना को चीन सीमा पर साजोसामान और सैन्य कर्मी भेजने के लिए काफी नजदीकी विकल्प मिला है। आपको बता दें कि कांगड़ा एयरपोर्ट पर अभी तक नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके बाद भी इस एयरपोर्ट पर वायुसेना के सुपर हरर्क्यूलिस विमान की सफल लैंडिंग ने उम्मीदों के नए दरवाजे खोले हैं।  रात में विमान की आवाज सुनकर स्थानीय लोग छतों पर आ गए। 

 

अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं 


एयरपोर्ट के अधिकारी इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के साथ वायुसेना ने नाइट लैंडिंग प्रशिक्षण को तेज कर दिया है। यह कदम कांगड़ा एयरपोर्ट के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांगड़ा एयरपोर्ट पर रनवे का विस्तार किया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन के लिए भूमि अधिग्रहण में कुछ दिक्कतें पेश आ रही हैं, लेकिन शनिवार को एयरफोर्स के विमान की नाइट लैंडिंग से यह लग रहा है कि जल्दी ही इस एयरपोर्ट पर सैन्य विमान लैंड करने लगेंगे।

पेज पर वापस जाने के लिए यहां क्लिक करें