#हिमाचल
May 26, 2026
हिमाचल पंचायत चुनाव में बड़ी गड़बड़ी : बैलेट पेपर पर उम्मीदवार की जगह लिखा NOTA, कोर्ट जाने की तैयारी
बैलेट पेपर विवाद पर भड़के प्रत्याशी, बोले- जरूरत पड़ी तो कोर्ट तक जाएंगे
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के बीच मंडी जिले के करसोग उपमंडल से प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पंचायत समिति वार्ड नंबर-12 मेहंडी के बैलेट पेपर में एक उम्मीदवार का नाम ही गायब मिला, जबकि उसकी जगह ‘NOTA’ छपा हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि NOTA के आगे वही चुनाव चिन्ह ‘कुर्सी’ अंकित था, जो उम्मीदवार होशियार सिंह को आवंटित किया गया था। मामला सामने आते ही चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पंचायत समिति उम्मीदवार होशियार सिंह खुद थनाली फर्स्ट बूथ नंबर-1 पर मतदान करने पहुंचे। बैलेट पेपर देखने पर वह हैरान रह गए, क्योंकि जहां उनका नाम होना चाहिए था, वहां NOTA छपा था। उन्होंने तुरंत चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को इसकी शिकायत दी।
शिकायत मिलते ही चुनाव अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और पंचायत समिति वार्ड के अंतर्गत आने वाली दो पंचायतों थाच-थर्मी और परलोग में पंचायत समिति सदस्य के चुनाव को तुरंत रोक दिया गया। वहीं इसी वार्ड के अंतर्गत आने वाली मेहंडी पंचायत में 28 मई को मतदान होना है।
निर्वाचन अधिकारी गौरव महाजन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बैलेट पेपर में उम्मीदवार का नाम न होने की शिकायत सामने आई है। इसके बाद संबंधित पंचायत समिति वार्ड के 10 मतदान केंद्रों पर पंचायत समिति सदस्य के चुनाव को स्थगित कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि पंचायत समिति वार्ड-12 मेहंडी से कुल सात उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। उम्मीदवार होशियार सिंह का चुनाव चिन्ह ‘कुर्सी’ सातवें नंबर पर था, लेकिन बैलेट पेपर में उनके नाम की जगह NOTA छप गया।
चुनाव स्थगित होने के बाद प्रत्याशी होशियार वर्मा ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए कहा कि केवल पंचायत समिति सदस्य का चुनाव रोकने से न्याय नहीं होगा। उनका कहना है कि यदि चुनाव प्रक्रिया में इतनी बड़ी गड़बड़ी हुई है, तो संबंधित पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य और जिला परिषद तक के सभी चुनाव रद्द कर दोबारा कराए जाने चाहिए।उन्होंने कहा कि अलग तारीख पर सिर्फ एक पद का चुनाव करवाने से चुनावी माहौल ठंडा पड़ जाएगा और मतदान प्रतिशत पर भी असर पड़ेगा।
होशियार वर्मा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक उम्मीदवार का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के मतदाताओं के अधिकारों का सवाल है।